सचिन और सियासत
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जम्मू। सचिन पायलट की सियासी गलियारों में सबसे अधिक चर्चा हो रही है। इस घटनाक्रम को जम्मू-कश्मीर के लोग भी खास दिलचस्पी से देख रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सचिन पायलट जम्मू-कश्मीर के दिग्गज राजनीतिक परिवार के दामाद हैं। सचिन की पत्नी सारा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला की बेटी और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की बहन हैं। पायलट को लेकर जम्मू-कश्मीर के सियासी मायने तो नहीं निकाले जा सकते, लेकिन लोग अपने-अपने कयास लगा रहे हैं।

उधर, सचिन पायलट ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पायलट ने कहा कि भाजपा नेता रीता बहुगुणा ने कहा कि उन्होंने सचिन से बात की। उन्होंने शायद सचिन तेंदुलकर से बात की होगी। सचिन पायलट ने आगे कहा कि मुझसे बात करने का साहस रीता बहुगुणा में नहीं है। बता दें कि इससे पहले भी कई बार सचिन पायलट के भाजपा में शामिल होने के कयास लगे हैं लेकिन उन्होंने हर बार इस बात को खारिज किया है।

सचिन ने अपनी पढ़ाई एयरफोर्स बाल भारती स्कूल, नई दिल्ली और दिल्ली यूनिवर्सिटी के सेंट स्टीफंस कॉलेज से की। इसके बाद उन्होंने गाजियाबाद के आई.एम.टी से मार्केटिंग में डिप्लोमा किया। आगे की पढ़ाई के लिए वह लंदन चले गए। वहां उन्होंने पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई की।

लंदन में पढ़ाई के दौरान सचिन की मुलाकात सारा अब्दुल्ला से हुई और कुछ दिनों के बाद दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे। लंदन में पढ़ाई पूरी करने के बाद सचिन वापस दिल्ली लौट आए। वहीं, सारा अपनी पढ़ाई के लिए लंदन में ही थीं।

दोनों के बीच यह दूरी आ जाने के बाद भी दोनों का प्यार बना रहा। दोनों ई-मेल और फोन के जरिए बात किया करते थे। दोनों ने लगभग तीन साल तक एक-दूसरे को डेट किया और इसके बाद अपने रिश्ते के बारे में परिवार को बताने का फैसला लिया।

सचिन और सारा ने जब अपने परिवार वालों को बताया तो दोनों के प्यार के बीच मजहब की दीवार आ खड़ी हुई। एक तरफ सचिन हिंदू परिवार से थे, तो वहीं सारा का ताल्लुक मुस्लिम परिवार से था। सचिन के परिवार ने दोनों की शादी के लिए इनकार कर दिया। वहीं, सारा के लिए भी यह राह आसान नहीं थी।

उनके पिता फारूक अब्दुल्ला ने उनसे इस बारे में बात करने से ही मना कर दिया था, लेकिन सारा ने हार नहीं मानी। अपने पिता को मनाने के लिए सारे प्रयास किए। वह कई दिनों तक रोती रहीं, लेकिन उनके पिता नहीं माने।

बाद में सचिन और सारा ने किसी की परवाह किए बिना जनवरी 2004 में शादी कर ली। इस शादी में अब्दुल्ला परिवार का कोई भी सदस्य शामिल नहीं हुआ था। सचिन के परिवार ने सारा का बहुत साथ दिया। समय के साथ अब्दुल्ला परिवार ने भी दोनों के रिश्ते को स्वीकार लिया।
सचिन ने शादी से पहले राजनीति में कदम रखने के बारे में कभी नहीं सोचा था। लेकिन पिता राजेश पायलट की मौत के बाद उन्हें राजनीति में उतरना पड़ा। जिस समय सचिन ने राजनीति के मैदान में कदम रखा उस समय उनकी उम्र महज 26 साल थी। 

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