Home उत्तर प्रदेश गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान बनी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान बनी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

 

गर्भवती के लिए वरदान बनी  प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना

जनवरी 2017 से अब तक 46017 लाभार्थियों को मिल चुका है योजना का लाभ

पहली बार गर्भवती होने पर तीन किश्तों में मिलते हैं 5000 रूपये

मुजफ्फरनगर, 4 सितंबर 2020। कोरोना काल के दौरान कमजोर वर्ग के लोगों की आर्थिक स्थिति पर सीधे तौर पर फर्क पड़ा है, ऐसे में पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना बेहद कारगर साबित हुई है । ऐसे कठिन दौर में योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद से गर्भवती और बच्चे के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल के साथ ही सही पोषण मिलना संभव हो पाया है।

योजना के नोडल अधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया योजना की  शुरुआत  जनवरी 2017 में हुई थी | योजना के तहत 53932 लाभार्थियों का लक्ष्य दिया गया था, अभी तक46017 महिलाओं  को योजना का लाभ मिल चुका है। लॉकडाउन के दौरान भी 85.32 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है शेष पूरा करने की हर संभव कोशिश की जा रही है। कोरोना काल में लोगों की आय पर असर पड़ा है और अन्य प्रांतों से मजदूरों ने घर वापसी की है, ऐसे में योजना का शत प्रतिशत लाभ पात्र गर्भवती को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

क्या है योजना

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती हुई महिला को तीन किश्तों में 5000 रुपये सीधे बैंक के खाते में दिये जाते हैं। पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं। गांव व वार्ड की आशा कार्यकर्ता, आशा संगिनी, एएनएम, बीसीपीएम/बीपीएम के माध्यम से फार्म भरा जाता है लाभार्थियों को इस योजना का लाभ पाने के लिए मुख्य रूप से मातृ एवं शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड,आधार कार्ड और खाते की पासबुक की फोटो कॉपी फार्म भरते समय जमा करनी होती है।

वरदान से कम नहीं

मुजफ्फरनर की रहने वाली लाभार्थी रजनीश ने बताया यह योजना गरीबों के लिए वरदान से कम नहीं है। वहीं इम्तियाज का कहना है कि सरकार द्वारा दी गई मदद से पौष्टिक खान-पान मिलना संभव हो सका। सोनाली की कहना है कि हर एक मां को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई गयी है, इसका हमें लाभ मिला है।
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