बिजनौर जिला समेकित बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक/ बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक हुई सम्पन्न

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बिजनौर

आज दिनाक 27/10/2021 में जिला समेकित बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक/ बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक विकास भवन सभागार में एडीएम एफ आर प्रीति जायसवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महोदय शिवानंद गुप्ता की अध्यक्षता किया गया। बैठक में नोडल अधिकारी महोदय राजकुमार सर विशेष किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष, धर्मपाल सिंह, किशोर न्याय बोर्ड से कोसकब अख्तर, मंच पर उपस्थित रहे जिसका संचालन बाल सरक्षण अधिकारी रूबी गुप्ता द्वारा किया गया।


इस अवसर पर एडीएम एफ आर प्रीति जायसवाल बच्चो के हित में कार्य करने एवम् भिक्षा वृति पर विशेष ध्यान देने के कहा इनके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महोदय सचिव द्वारा निशुल्क विधिक सेवा और बच्चो से संबंधित कार्य को महत्वपूर्ण बताया जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा सभा में उपस्थित सभी थानों से बाल कल्याण अधिकारी, किशोर न्याय बोर्ड, वन स्टॉप सेंटर , बाल सरक्षण इकाई योजना, को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, सामान्य, , बाल सेवा योजना बालश्रम, स्पॉन्सरशिप एवं फोस्टर केयर योजना, निराश्रित महिला पेंशन, घरेलू हिंसा, वन स्टॉप सेंटर चाइल्ड हेल्प लाइन नं0 (1098) के साथ बाल विवाह के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी बालिका जिसने अपनी आयु 18 वर्ष पूर्ण न की हो एवं किसी भी बालक/युवा जिसने अपनी आयु 21 वर्ष पूर्ण न की हो का विवाह कराया जाना प्रतिबंधित है।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत बाल विवाह दंडनीय अपराध है और बाल विवाह में प्रतिभाग करने वाले व्यक्तियों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान किया गया है। बाल विवाह अधिनियम के अंतर्गत बाल विवाह करने वाले वयस्क पुरुष के लिए एवं बाल विवाह का अनुष्ठान करने वाले व्यक्तियों के लिए 2 वर्ष के कठोर कारावास या 1 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। बाल विवाह करना या कराना एक जघन्य अपराध है। जिससे शारीरिक व मानसिक रूप से गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं।


योजना तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 की विस्तार से जानकारी देने के साथ बालिकाओं को उच्च शिक्षा दिलाए जाने के लिए प्रेरित किया गया। बाल सरक्षण अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, बाल श्रम, भिक्षा वृति और बाल विवाह बाल संरक्षण,आदि योजनाओं को बाल हित में बहुत ही उपयोगी बताया साथ ही बच्चों से संबंधित समस्त विभागों से अपील की कि बाल हित के लिए सभी आपस में समन्वय स्थापित कर योजनाओं का लाभ ग्राम स्तर तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करें।
जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा अधिकारी द्वारा बच्चों एवं किशोरियों के स्वास्थ्य पोषण पर अधिक बल दिया साथ ही अपने विभाग से चल रही बच्चों से संबंधित योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

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