प्रधानमंत्री केदारनाथ पहुंच दे गए सौगात , की मुख्यमंत्री धामी की तारीफ

खबरे सुने

रुद्रप्रयाग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह 7.55 बजे केदारनाथ धाम  पहुँच बाबा केदार की पूजा-अर्चना की व जलाभिषेक किया। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की मूर्ति का लोकार्पण भी किया। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड के तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। इसी का नतीजा है कि चारधाम यात्रा आने वाले भक्तों की संख्या लगातार रिकॉर्ड बढ़ रही है। अगर कोरोना नहीं होता तो यह और भी ज्यादा होती।
पीएम मोदी ने कहा कि अभी दो दिन पहले ही अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन पूरी दुनिया ने देखा। भारत का प्राचीन सांस्कृतिक स्वरूप कैसा रहा होगा, आज हम इसकी कल्पना कर सकते हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में काशी का भी कायाकल्प हो रहा है। विश्वनाथ धाम का कार्य बहुत तेज गति से पूर्णता की तरफ आगे बढ़ रहा है। अब देश अपने लिए बड़े लक्ष्य तय करता है। कठिन समय-सीमाएं निर्धारित करता है, तो कुछ लोग कहते हैं कि इतने कम समय में ये सब कैसे होगा! होगा भी या नहीं होगा! तब मैं कहता हूं कि समय के दायरे में बंधकर भयभीत होना अब भारत को मंजूर नहीं है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य जी ने पवित्र मठों की स्थापना की, चार धामों की स्थापना की, द्वादश ज्योतिर्लिंगों के पुनर्जागरण का काम किया। आदि शंकराचार्य ने सबकुछ त्यागकर देश, समाज और मानवता के लिए जीने वालों के लिए एक सशक्त परंपरा खड़ी की है। कहा कि हमारे यहां सदियों से चारधाम यात्रा का महत्व रहा है। द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन की, शक्तिपीठों के दर्शन की, अष्टविनायक के दर्शन की, ये सारी यात्राओं की परंपरा है। ये तीर्थाटन हमारे यहां जीवन काल का हिस्सा माना गया है। अब हमारी सांस्कृतिक विरासतों को, आस्था के केंद्रों को उसी गौरवभाव से देखा जा रहा है, जैसा देखा जाना चाहिए। आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरे गौरव के साथ बन रहा है, अयोध्या को उसका गौरव वापस मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य का जीवन भारत और विश्व कल्याण के लिए था। आज आप श्री आदि शंकराचार्य जी की समाधि की पुनरू स्थापना के साक्षी बन रहे हैं। यह भारत की आध्यात्मिक समृद्धि और व्यापकता का बह़त अलौकिक दृश्य है। कहा कि जात-पात के भेदभाव से हमारा कोई सरोकार नहीं है। एक समय था जब आध्यात्म को, धर्म को केवल रूढ़ियों से जोड़कर देखा जाने लगा था। लेकिन, भारतीय दर्शन तो मानव कल्याण की बात करता है, जीवन को पूर्णता के साथ समग्र तरीके में देखता है। आदि शंकराचार्य ने समाज को इस सत्य से परिचित कराने का काम किया है। कहा कि मैंने जो पुनर्निर्माण का सपना देखा था वो आज पूरा हो रहा है। जो कि सौभाग्य की बात है। इस आदि भूमि पर शाश्वत के साथ आधुनिकता का ये मेल, विकास के ये काम भगवान शंकर की सहज कृपा का ही परिणाम हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ की। कहा कि मैं इन पुनीत प्रयासों के लिए उत्तराखंड सरकार का, मुख्यमंत्री धामी का और इन कामों की जिम्मेदारी उठाने वाले सभी लोगों का भी धन्यवाद करता हूं। उन्होंने केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण कार्य करने वाले श्रमिकों का भी धन्यवाद किया। बर्फबारी और कड़ी ठंड के बीच उनके काम की सराहना की। इस दौरान उन्होंने पुजारियों और रावल का भी आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने जय बाबा केदार के जयकारों के साथ अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने कहा कि यह भारत की संस्कृति की व्यापकता का आलौकिक दृश्य है। उन्होंने देश के सभी साधु-संतों को प्रणाम किया। कहा कि भारत की महान ऋषि परंपरा है। कहा सभी का नाम लूंगा तो एक हफ्ता लग जाएगा। मैं यहां जब भी आता हूं कण-कण से जुड़ जाता हूं। कहा कि गरुड़चट्टी से मेरा पुराना नाता है। कहा कि गोवर्धन पूजा के दिन मुझे केदारनाथ दर्शन का सौभाग्य मिला है। केदारनाथ में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। 2013 की आपदा के दौरान मैंने यहां की तबाही को अपनी आंखों से देखा था। इस दौरान केदारनाथ आपदा को याद कर प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए। कहा कि बरसों पहले जो नुकसान यहां हुआ था, वो अकल्पनीय था। जो लोग यहां आते थे, वो सोचते थे कि क्या ये हमारा केदार धाम फिर से उठ खड़ा होगा? लेकिन मेरे भीतर की आवाज कह रही थी कि ये पहले से अधिक आन-बान-शान के साथ खड़ा होगा।

केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब चार सौ करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री को केदारनाथ मंदिर का प्रतिकात्मक स्वरूप और शॉल भेंट किया। इसके बाद अब कुछ देर में ही प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे। पीएम के संबोधन से पहले मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का केदारनाथ पधारने पर हार्दिक स्वागत किया। पीएम का हिमालय और उत्तराखंड से विशेष लगाव है। आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। 2013 की अपदा के समय आपने उत्तराखंड की मदद के लिए हाथ बढ़ाया था। केदारनाथ का पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। जिसके पहले चरण का काम पूरा हो चुका है और दूसरे चरण के कार्य हो रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति का संचार हो रहा है। उत्तराखंड के प्रति प्रधानमंत्री का प्रेम किसी से छिपा नहीं है। मुख्यमंत्री ने कुमाऊं मंडल में एम्स सेटेलाइट सेंटर खोलने की अनुमति देने पर भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। इसके बाद पीएम मोदी ने केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कुछ पुनर्निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की मूर्ति का अनावरण किया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.