मुज्जफरनगर में पुलिस की बड़ी कार्यवाई, अवैध शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ 12 लोग गिरफ्तार

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मुजफ्फरनगर। एसओजी और खतौली पुलिस ने यमुना विहार में चल रही अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री का राजफाश करते हुए 12 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया है। उनके फरार साथियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। एडीजी मेरठ जोन ने टीम को 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि एसओजी प्रभारी संजीव यादव ने खतौली के यमुना विहार में अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री की सूचना पर स्थानीय पुलिस के साथ छापा मारा। जहां गोदामनुमा जगह में अवैध शराब बनाई जा रही थी। पुलिस ने मौके से 12 लोगों को दबोच लिया। एसएसपी ने बरामद शराब, उपकरण और अन्य सामान की कीमत 30 लाख रुपये का बताई है।

नरेश कर्णवाल और उसके बेटे जीतू, पीयूष उर्फ बाबी व अजय उर्फ अज्जू, निवासी रुहासा, थाना दौराला जनपद मेरठ, अमित उर्फ ङ्क्षरकू बंसल व सुमित उर्फ टिंकू बंसल निवासीगण पटेलनगर थाना नई मंडी मुजफ्फरनगर, सोमदेव उर्फ फौजी निवासी फजलपुर थाना बिनौली जिला बागपत, अशोक कुमार निवासी अकबरगढ़ थाना चरथावल, राकेश कुमार, सुनील चौहान उर्फ मोती निवासी छरबा अपर थाना सहसपुर देहरादून (उत्तराखंड), सचिन कुमार निवासी दौलतराम कालोनी कस्बा दौराला और रवि निवासी वलीदपुर थाना दौराला जिला मेरठ को पुलिस ने मौके से दबोचा।

मिलावटी शराब के 5760 पव्वे देशी शराब पिकनिक उत्तराखंड मार्का, 264 पव्वे रायल स्टेग मार्का, 192 पव्वे रेडिको खेतान मार्का, 65 पव्वे गुड इवनिंग मार्का, 1 लाख 10 हजार ढक्कन पिकनिक मार्का, वेव मार्का, रायल स्टैग, ओल्ड मोक और सरशादी लाल डिस्टिलरी मंसूरपुर, 1 लाख 58 हजार रैपर, 1200 उत्तराखंड मार्का रैपर, 1460 खाली पव्वे, 300 लीटर इएनए समेत शराब बनाने के उपकरण, मशीन, पैकिंग मशीन, सील लगाने वाली मशीन, दो कार, दो एक्टिवा और पांच बाइक बरामद की हैैं।

एसएसपी ने बताया कि गिरोह का सरगना नरेश कर्णवाल है, जिसे 2019 में अवैध शराब बनाते हुए शहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जमानत पर बाहर आते ही वह फिर से इसी धंधे में लग गया। आरोपित दिल्ली और अन्य स्थानों से रैपर, ढक्कन और अन्य सामान बनवाते थे और अवैध शराब को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में सप्लाई करते थे। एसएसपी के मुताबिक अगर पकड़ी गई शराब बाजार में सप्लाई होती तो सरकार को एक करोड़ बीस लाख रुपये के राजस्व की हानि होती।

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