ॐ कैसे है स्वास्थ्य वर्द्धक और अपनाएं आरोग्य के लिए मात्र ॐ के उच्चारण का मार्ग.

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ॐ कैसे है स्वास्थ्य वर्द्धक और अपनाएं आरोग्य के लिए मात्र ॐ के
उच्चारण का मार्ग.
1, ॐ और थायरायडः
ॐ के दूसरे अक्षर का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है
जो कि थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
2. ॐ और घबराहटः
अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम
कुछ भी नहीं।
3. ॐ और तनावः यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है,
अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।
4. ॐ और खून का प्रवाहः
यह हृदय औरख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।
5. ॐ और पाचनः
ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज़ होती है।
6. ॐ लाए स्फूर्तिः
इससे शरीर में फिर से युवा वस्था वाली स्फूर्तिका संचार होता है।
7. ॐ और थकान:
थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।
8. ॐ और नींदः
नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है। रात
को सोते समय नींद आने तक मन में इसको करने से निश्चित नींद आएगी।
9. ॐ और फेफड़े:
कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है।
10. ॐ और रीढ़ की हड्डी:
ॐ के पहले शब्द का उच्चारण करने से कंपन पैदा होती है।
इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़
जाती है
11. ॐ दूर करे तनावः
अनेक बार ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित
हो जाता है।
आचार्य डॉ0 विजय शंकर मिश्र:

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