Home उत्तर प्रदेश भदोही के मतदान केंद्र में एक घंटा वोटिंग बाधित, बैलट पेपर बदला

भदोही के मतदान केंद्र में एक घंटा वोटिंग बाधित, बैलट पेपर बदला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के रौद्र रूप धारण करने के बीच में प्रदेश में आज से गांव की सरकार चुने जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रदेश में चार चरणों में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आज पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है। 18 जिलों में जिला पंचायत सदस्य के 779, क्षेत्र पंचायत के 19,313 व ग्राम प्रधान के 14,789 पदों के चयन के लिए लोग सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्र पहुंच रहे हैं।

प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आज 18 जिलों में पहले दो घंटे के मतदान के कारण कई जगह छोटी-मोटी गड़बड़ी के बाद भी मतदान शांतिपूर्वक चल रहा है। भदोही के एक मतदान केंद्र पर बैलट पेपर बदल जाने के कारण मतदान करीब एक घंटा बाधित रहा। औराई क्षेत्र के रैपुरी के मतदान केंद्र में बैलट पेपर दूसरा आ गया। यहां पर मतदान केंद्र 12 पर बैलेट पेपर बदल गया है। जिला पंचायत सदस्य पद का बैलेट पेपर बदला। इसमें 25 नम्बर वार्ड की जगह दूसरी जगह का मत पत्र आया है। यहां पर बैलेट पेपर बदलने से मतदान बाधित रहा। पीठासीन अधिकारी ने प्रत्याशियों की लिस्ट मंगाकर दोबारा मतदान शुरू कराया है।

वनटांगिया आज बेहद उत्साहित : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से पंचायत चुनाव में मतदान करने का अधिकार प्राप्त करने वाले वनटांगिया आज बेहद उत्साहित हैं। सुबह से ही यह लोग मतदान केंद्र में लाइन में लग गए।

गोरखपुर के मतदान केंद्र में पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में मतदान करने के लिए वनटांगिया गांव के एक मतदान केंद्र के बाहर काफी लम्बी लाइन में लगे वनटांगिया वर्ग के लोग विधानसभा तथा लोकसभा चुनाव में मतदान करे चुके हैं, लेकिन इनको गांव की सरकार बनाने का पहली बार मौका मिला है। यह लोग इसका पूरा लाभ लेेने के प्रयास में लगे हैं।

कानपुर के 1994 मतदान केंद्रों पर वोटिंग: जिला पंचायत सदस्य, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए गुरुवार मतदान शुरू हो गया। सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ तो बड़े ही उत्साह के साथ  मतदाता बूथों पर पहुंचे और कतार में लग गए। हर किसी के चेहरे पर अपना प्रधान चुनने को लेकर उत्साह दिखा। कहीं कोई विवाद न हो इसलिए पुलिस भी मुस्तैद रही।

जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार और पुलिस आयुक्त असीम अरुण भी बूथों का निरीक्षण करने निकले और सुरक्षा का अहसास कराया। जिले के 1994 बूथों पर मतदान हो रहा है। इस चुनाव में विभिन्न पदों के लिए कुल 9711 उम्मीदवार मैदान में हैं। 12.53 लाख मतदाता हैं। प्रधान के लिए 4485 उम्मीदवार , बीडीसी सदस्य के 3402, जिला पंचायत के 399 और ग्राम पंचायत के 1425 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव में अपर श्रमायुक्त फैसल आफताब को प्रेक्षक बनाया गया है।

हाथरस में 1636 बूथों पर मतदान: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में गुरुवार की सुबह सात बजे से हाथरस में 1636 बूथों पर मतदान शुरू हो गया। गांव की सरकार के इस चुनाव में 9.41 लाख मतदाता भागीदारी करेंगे। विभिन्न पदों के लिए 7663 प्रत्याशी मैदान में हैं।

प्रधान पद के 3,621 उम्मीदवारों के अलावा 2461 बीडीसी, 311 जिला पंचायत सदस्य व 1270 ग्राम पंचायत सदस्य के उम्मीदवार हैं। प्रधान के 463, जिला पंचायत सदस्य के 24, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 599 पदों के लिए मतदान मतदान हो रहा है।

रामपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान, महिलाओं में उत्साह: रामपुर जिले में पंचायत चुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हो गया है। मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए पर्याप्त सशस्त्र पुलिस बल लगाया है। पुलिस के जवानों के अतिरिक्त पीएसी, पीआरडी, होमगार्ड के जवान भी तैनात किए हैं। जिले में कुल 680 ग्राम प्रधान और 859 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के लिए चुनाव हो रहा है।

जिला पंचायत के 34 और ग्राम पंचायत के 8504 सदस्यों के पद हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 1300150 मतदाता हैं। 898 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 2127 बूथ हैं। इनमें 274 मतदान केंद्र सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं, जबकि 266 संवेदनशील, 326 अति संवेदनशील और 32 अति संवेदनशील प्लस श्रेणी में रखे गए हैं। मतदान संपन्न कराने के लिए 10210 कर्मचारी लगाए गए हैं।

आगरा : आगरा के 15 ब्लाक में कुल 20.29 लाख वोटर हैं। 3407 बूथ और 1432 मतदान केंद्र हैं। जिला पंचायत के 51 सदस्य पदों के लिए 587 प्रत्याशी मैदान में हैं। प्रधान पद के कुल पद 690, निर्विरोध चुने गए: दो पद। 688 पदों के लिए अब 4431 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें 2597 पुरुष और 1834 महिलाएं हैं।क्षेत्र पंचायत सदस्य के कुल पद 1257, निर्विरोध चुने गए: 83। 1174 पदों के लिए 4811 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें 2937 पुरुष और 1874 महिलाएं हैं। ग्राम पंचायत सदस्य के  कुल पद 9180, निर्विरोध चुने गए: 6441। 497 पदों के लिए 1044 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें 766 पुरुष और 278 महिलाएं हैं।

कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच गुरुवार को प्रदेश के 18 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान आज प्रत्याशियों के साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग, पंचायती राज विभाग, गृह विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग की भी कठिन परीक्षा है।

कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए 19,774 मतदान केंद्रों के 51,036 मतदेय स्थलों पर सुबह सात से शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे। इस बार पंचायत चुनाव में करीब 11 घंटे मतदान चलेगा। कोरोना संक्रमित लोगों को पीपीई किट पहनकर वोट डालने की अनुमति दी गई है।

मतदान केंद्रों पर बुधवार देर शाम से पोलिंग पार्टियों ने अपना काम शुरू कर दिया था। पहले चरण में जिला पंचायत सदस्य के 779 पदों के लिए 11,442 उम्मीदवार मैदान में हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य के 19,313 पदों के लिए 81,747 प्रत्याशी, ग्राम प्रधान के 14,789 पदों के लिए 1,14,142 उम्मीदवार तथा ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य के 1,86,583 पदों के मुकाबला होगा। सुरक्षा की दृष्टि से झांसी, सहारनपुर, कानपुर, हरदोई, गाजियाबाद व गोरखपुर को संवेदनशील माना जा रहा है।

इन जिलों में मतदान : सहारनपुर, गाजियाबाद, रामपुर, बरेली, हाथरस, आगरा, कानपुर नगर, झांसी, प्रयागराज, महोबा, रायबरेली, हरदोई, अयोध्या, श्रावस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर, जौनपुर व भदोही।

पड़ोसी राज्यों की सीमाएं सील : मतदान वाले सीमावर्ती जिलों में पड़ोसी राज्यों की सीमाएं सील रहेंगी। वोटिंग वाले 18 जिलों में गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। गुरुवार को डाले जाने वाली वोटों की गिनती आगामी दो मई को होगी।

मतदाताओं को मास्क व सुरक्षित दूरी अनिवार्य : कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मतदान केंद्रों पर कोविड प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कराया जाएगा। मतदान केंद्र के बाहर छह-छह फीट की दूरी पर घेरे बनाने के आदेश हैं, ताकि मतदाता सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन कर सकें। मतदान कर्मियों व सुरक्षा कर्मियों के लिए भी बचाव उपायों का पालन कराया जा रहा है।

दांव पर दिग्गजों की साख, अपराधियों पर भी नजर: पहले चरण के मतदान में आज दिग्गजों की साख दांव पर लगी है। जौनपुर में पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह के साथ पूर्व मंत्री स्वर्गीय पारसनाथ यादव तथा मिस इंडिया रनर अप दीक्षा सिंह की प्रतिष्ठता दांव पर लगी है। धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला, स्वर्गीय पारसनाथ यादव की छोटी बहू तथा दीक्षा सिंह स्वंय चुनाव के मैदान में है। जौनपुर की सिकरारा सीट वार्ड नंबर 41 से पूर्व सांसद और लखनऊ पुलिस के वांटेड धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। श्रीकला ने दक्षिण भारतीय होने के बाद भी भोजपुरी बोलकर लोगों से सम्पर्क किया और वोट मांगा। जौनपुर के दिग्गज दिवंगत नेता पारसनाथ यादव की छोटी बहू बीटेक एमबीए करने के बाद लंदन से नौकरी छोड़कर जौनपुर के वार्ड नंबर 51 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही हैं। जौनपुर से ही मिस इंडिया रनर अप रहीं दीक्षा सिंह भी चुनाव मैदान में हैं। दीक्षा, जिले के वार्ड नंबर 26 से चुनाव मैदान में हैं।

हाथरस में देवरानी और जेठानी चुनावी रणभूमि आमने-सामने हैं। बसपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहे रामवीर उपाध्याय की पत्नी और दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकीं पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय के सामने उनकी ही देवरानी ऋतु उपाध्याय हैं। रामवीर उपाध्याय के छोटे भाई मुकुल उपाध्याय की पत्नी ऋतु को भाजपा ने मैदान में उतारा है।  श्रावस्ती में भाजपा से सांसद रहे दद्दन मिश्रा मैदान में हैं। उनकी भी साख दांव पर लगी है। वह श्रावस्ती की गिलौला जिला पंचायत सीट से खुद चुनाव मैदान में हैं। भाजपा प्रत्याशी दद्दन मिश्रा 2007 में बसपा के टिकट पर पहली बार विधायक बने। इसके बाद 2012 में भाजपा से विधायक बने और 2014 में श्रावस्ती से भाजपा के टिकट पर लोकसभा पहुंचे। दद्दन मिश्रा 2019 का लोकसभा चुनाव हार गए। अब भाजपा उनको जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में लगी है। गोरखपुर में जिला पंचायत सदस्य में तो नहीं लेकिन प्रधानी के चुनाव पर अपराधिक छवि के लोगों ने ज्यादा दांव लगाया है। ग्राम प्रधान के चुनाव में सौ से अधिक हिस्ट्रीशीटर या या तो खुद चुनाव मैदान में हैं या फिर उनके स्वजन चुनावी मैदान में हैं। इनमें बड़हलगंज, खोराबार, बेलीपार, गुलरिया, पिपराइच, पीपीगंज, कैंपियरगंज, बांसगांव ऐसे थाना क्षेत्र हैं जहां प्रधान के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों पर पुलिस की भी नजर बनी हुई है।

विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल: पंचायत चुनावों को विधानसभा चुनाव 2022 का सेमीफाइनल माना जा रहा है। चार चरण में होने वाले मतदान में पहले चरण में आज वोट डाले जा रहे हैं। दूसरे चरण में मतदान 19 अप्रैल को, तीसरे में 26 और चौथे में 29 अप्रैल को होगा। इसके बाद दो मई को वोटों की गिनती होगी।