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“गुर्जर सम्राट मिहिरकुल हूण” की जयन्ती के अवसर पर “गुर्जर सद्भावना सभा ने रक्तदान कर मनाई जयंती

राजसत्ता पोस्ट“गुर्जर सम्राट मिहिरकुल हूण” की जयन्ती के अवसर पर “गुर्जर सद्भावना सभा ने रक्तदान कर मनाई जयंती।

मुज़फ्फरनगर-आज दिनांक 20 जोलाई को “गुर्जर सम्राट मिहिरकुल हूण” की जयन्ती के अवसर पर “गुर्जर सद्भावना सभा के तत्वाधान में जिला चिकित्सालय में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।जिसमें जनपद के गुर्जर समाज के 101 गाँवो की ओर से 121 यूनिट रक्त दान किया गया। मुज़फ्फरनगर के इतिहास में रक्तदान का यह एक नवीन कीर्तिमान है । और पूरे प्रदेश स्तर पर यह रक्तदान द्वितीय स्थानपर आता है

कार्यक्रम का उद्घाटन एस पी सिटी सतपाल अंतिल व सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार ने संयुंक्त रूप से किया व कार्यक्रम का शुभारंभ थानाध्यक्ष सिखेड़ा रविन्द्र कसाना ने रक्तदान करके किया ।

कार्यक्रम के समन्वयक राष्ट्रीय लोकदल प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक चौधरी ने कहा कि गुर्जर जाति सदैव देश और समाज के लिए बलिदान के लिए तैयार रही है,और देश के लिए इसी भावना को आज का यह कार्यक्रम दर्शाता भी है ।

गुर्जर सद्भावना सभा की ओर से पुष्पेन्द्र कुमार ने बताया कि महान सम्राट मिहिरकुल हूण 445 ई. में सत्तासीन हुए थे और लंबे समय तक भारत के विशाल भूभाग पर राज्य करते रहे ।

महासचिव श्री ओमपाल सिंह चौहान ने बताया कि मिहिरकुल हूण ने “गुर्जर प्रतिहार” वंश की परंपरा को आगे बढ़ाया और विशाल राज्य की नींव रखी । हिन्दू क्रांति सेना के जिलाध्यक्ष श्री नरेन्द्र पंवार जी ने बताया कि भारतवर्ष में शिव की पूजा की शुरुआत मिहिरकुल हूण ने ही की थी ।

अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष देशराज चौहान ने कहा कि मिहिरकुल हूण की जयंती पर रक्तदान करना यह दर्शाता है कि यह समाज आज भी देश-समाज के लिए अपना रक्त समर्पित कर सकता है । डॉ संदीप गुर्जर ने रक्त दान को किसी व्यक्ति की जान बचाने के साथ साथ अपनी बहुत सी बीमारियों जैसे बड़े कोलेस्ट्रॉल आदि का उपाय भी बताया ।

कार्यक्रम में शिक्षाविद श्री रणवीर सिंह ने कहा कि रक्तदान एक महादान है जिसे कोई भी स्वस्थ व्यक्ति वर्ष में चार बार कर सकता है । रक्त दान एक ऐसा दान है जिसमे आप एक अनजान व्यक्ति की जान बचाते हैं । यह गुप्त दान की उच्च श्रेणी का दान है ।

कार्यक्रम को सफल बनाने में कवर पाल मुखिया , दौलत प्रधान , वेदपाल सिंह गुर्जर, अर्जुन सिंह,अंकित नागर,मदनपाल सिंह,दारा सिंह,प्रदीप तोमर,विनय सरोहा,राजेन्द्र सिंह,सचिन कुमार,प्रशांत पंवार,कुलदीप भुम्मा,मोहित नागर, रविंद्र मास्टर जी, सुंदर प्रधान ,सचिन पटेल,चौधरी अंगेश गुज्जर,कंवरपाल मुखिया,अजय कुमार,निखिल सरोहा,सोहनवीर सिंह जीवणा, ब्रिजेश प्रधान शाहपुर,सोनू प्रधान ग्राम पाल आदि का उल्लेखनीय योगदान रहा