Home राजनीति अब सुवेंदु के सांसद पिता शिशिर अधिकारी से ममता ने पद छीना,...

अब सुवेंदु के सांसद पिता शिशिर अधिकारी से ममता ने पद छीना, DSDA के चेयरमैन पद से हटाया

कोलकाता। सुवेंदु के भाजपा में शामिल होने के बाद अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का शायद अधिकारी परिवार पर भरोसा नहीं रहा। यही वजह है कि पहले सौमेंदु को प्रशासक के पद से हटाया और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और सुवेंदु के पिता शिशिर अधिकारी को दीघा शंकरपुर विकास प्राधिकरण (डीएसडीए) के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। एक आधिकारिक अधिसूचना में यह जानकारी सामने आई है। अधिकारी के स्थान पर विधायक अखिल गिरि जो पहले इस प्राधिकरण के उपाध्यक्ष थे उन्हें चेयरमैन बना दिया गया है। गिरि तृणमूल कांग्रेस में अधिकारी के कट्टर विरोधी माने जाते हैं। गिरि ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने डीएसडीए के अध्यक्ष के रूप में कुछ नहीं किया, इसलिए उन्हें हटा दिया गया।

तृणमूल ने शिशिर अधिकारी को बताया अक्षम

शिशिर अधिकारी इस वक्त पूर्व मेदिनीपुर जिले के तृणमूल अध्यक्ष भी हैं। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि अधिकारी एजेंसी के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने में सक्षम नहीं थे। उन्होंने कहा,’शिशिर दा एक अनुभवी नेता हैं। शायद वह अस्वस्थ हैं। लेकिन हमें उस समय पीड़ा हुई जब उन्होंने अपने बेटों सुवेंदु और सौमेंदु के खिलाफ कोई शब्द नहीं बोला, जो भाजपा में जाने के बाद लगातार तृणमूल पर हमला कर रहे हैं।’ उधर राज्य नगर विकास विभाग ने कांथी नगर पालिका के प्रशासक बोर्ड को भंग कर दिया है।

तमलुक नपा के प्रशासक भी बदला

दूसरी ओर कांथी के बाद तमलुक नगर पालिका के प्रशासक पद से अधिकारी परिवार के करीबी माने जाने वाले रवींद्रनाथ सेन को भी हटा दिया गया है। सोमवार को राज्य के शहरी विकास विभाग के संयुक्त सचिव ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की। यह कहा गया है कि दीपेंद्र नारायण रॉय अब से तमलुक नपा के प्रशासक होंगे। पूर्व पार्षद सह-समन्वयक चंदन प्रधान, सुब्रत रॉय, शक्तिपद भट्टाचार्य, पृथ्वी नंदी, स्निग्धा मिश्रा और चित्त माइति शासी निकाय के सदस्य होंगे। वार्ड 11 के समन्वयक बिस्वजीत दत्त कुछ दिनों पहले भाजपा में शामिल हो गए थे उनके स्थान पर वकील चित्त माइति को उनके स्थान पर शासी निकाय में शामिल किया गया है।

तमलुक, कांथी और एगरा नगरपालिकाओं में निर्वाचित बोर्ड का कार्यकाल पिछले मई समाप्त हो चुका है। इसके बाद राज्य सरकार ने उक्त तीनों नगर पालिका में प्रशासक नियुक्त कर दिया था जो अधिकारी परिवार के करीबी थे। यहां बताना आवश्यक है कि शिशिर अधिकारी सांसद ही नहीं तृणमूल के संस्थापक सदस्यों में से एक माने जाते हैं और उनका एक और पुत्र दिव्येंदु अधिकारी भी तृणमूल से सांसद हैं।