कोंन सी दिशा की ओर सिर करके कभी ना सोएं

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➡️उत्तर दिशा की ओर सिर करके कभी ना सोएं

आपने कई विशेषज्ञों से सुना होगा जो हमे बताते हैं की हमे सोते समय अपने सिर और पैर किस दिशा में रखकर सोना चाहिए। दरअसल उत्तर दिशा में पैर और दक्षिण दिशा में सिर करके सोने को सबसे उचित माना गया है। हालांकि कुछ लोग इसे अंधविश्वास से जोड़ कर देखते हैं लेकिन असल में इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण है जो हमारे स्वास्थ्य से जुड़ा है। तो आइये जानते हैं उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने को क्यों उचित नहीं माना गया है और क्या हैं इसके पीछे के वैज्ञानिक कारण।

➡️दरअसल मानव शरीर में सिर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह करता है और इसे चुम्बकीय उत्तर माना गया है। ऐसे में अगर हम उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोते हैं तो सिर और उत्तर दिशा की सकारात्मक ऊर्जा आपस में प्रतिरोध करते हैं जैसे की चुम्बक का उत्तरी पोल दुसरे चुम्बक के उत्तरी पोल से प्रतिकर्षित होता है और वो आपस में जुड़ने की बजाय एक दूसरे को धकेलते हैं। ऐसी स्थिति में जब हम उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोते हैं तो हमारी नींद बाधित होती है और हम गहरी और सुकून भरी नींद नहीं ले पाते साथ ही ऐसे में हमारे हाथ पैरों में भी दर्द की तकलीफ होने लगती है। इसी कारण उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोने से हमारे बीमार होने की सम्भावना ज्यादा होती है।

➡️जबकि इसके विपरीत अगर उत्तर की ओर पैर और दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोने से हमारे सिर से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सही होता है और हमे नींद बेहतर और गहरी आती है। ऐसे में सुबह उठकर हमारा सिर काफी हल्का और मन शांत बना रहता है और तनाव कम होता है।

➡️इसके पीछे एक पौराणिक मान्यता भी है जिसके अनुसार एक बार जब माँ पार्वती स्नान कर रही थी तब उनके पुत्र गणेश दरवाजे पर पहरेदार के तौर पर खड़े थे ताकि कोई अंदर ना जा पाए लेकिन जब भगवान शिव आये तो गणेश जी ने उन्हें भी अंदर जाने से रोका। ऐसा करने पर भगवान शिव को क्रोध आया और उन्होंने अपने ही पुत्र गणेश का सिर धड़ से अलग कर दिया। जब माँ पार्वती को इस बात का पता चला तो उन्होंने भगवान शिव से गणेश जी को पुनः जीवित करने का आग्रह किया और भगवान शिव ने अपने दूत को उस व्यक्ति का सिर लाने को कहा जो उत्तर दिशा की ओर सिर करके सो रहा हो। उस काल में सभी मानव शास्त्रों को मानकर उनके अनुसार ही सोया करते थे और ऐसे में दूत को पृथ्वी पर कोई ऐसा मानव नहीं मिला जो उत्तर की ओर सिर करके सोया हो ऐसी स्थिति में वो एक हाथी का सिर काट कर ले आया क्योंकि वो उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोया हुआ था और उस हाथी का सिर गणेश जी के धड़ से जोड़कर उन्हें पुनः जीवित किया गया था। इसी कारण हिन्दू धर्म में ये मान्यता बनी की उत्तर दिशा की तरफ पैर करके सोने से भगवान शिव प्रसन्न रहते हैं।

➡️शास्त्रों में दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी गई है और ऐसा माना जाता है की दक्षिण दिशा में पैर करके सोने से हमारी उम्र कम होती है। इसके अलावा पूर्व दिशा की तरह पैर करके सोने को भी उचित नहीं माना जाता क्योंकि ये दिशा सूर्य देवता की होती है और ऐसे में हमारे जीवन में कई प्रकार के दोष लग जाते हैं।

पूर्व दिशा की ओर सिर करके सोने के फायदे:
वास्तुशास्त्र में एक श्लोक के माध्यम से उल्लेख किया गया है कि पूर्व दिशा मे सिर करके सोने से विद्या प्राप्त होती है। इस दिशा में सिर रखकर सोने से मां सरस्वती की कृपा आप पर सदैव बनी रहती है, जिससे ज्ञान में बढ़ोत्तरी होती है।

➡️वहीं इस दिशा में सूर्य देव भी विराजमान होते हैं, ऐसे में इस दिशा में सिर रखकर सोने से व्यक्ति ऊर्जावान रहता है। तथा इस दिशा में पैर करके सोने से सूर्यदेव का अपमान माना जाता है। इसलिए हमेशा पूर्व या दक्षिण दिशा में सिर करके सोना चाहिए तथा घर या कमरे के दरवाजे की ओर पैर करके ना सोएं।

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