भारत और जापान के बीच नौसेना सहयोग का दायरा बढ़ा

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भारतीय नौसेना और जापानी मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स के बीच कांटे की टक्कर भारत-जापान  मिलकर करेंगे समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास  के पांचवें संस्करण की शुरुआत जो आज से अरब सागर में शुरू होगी. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच पहला नौसेना अभ्‍यास जनवरी 2012 में हुआ था, जिसमें समुद्री सुरक्षा सहयोग पर विशेष ध्‍यान दिया गया था.
एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि स्वदेश निर्मित
गाइडेड मिसाइल स्टील्थ डिस्ट्रॉयर कोच्चि और गाइडेड मिसाइल युद्धपोत तेग पश्चिमी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल अजय कोचर की कमान के तहत 3 दिवसीय अभ्यास में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व करेंगे.
उन्होंने कहा कि जापानी मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स की तरफ से बल के पोत कागा, जो एक इज़ुमो क्लास हेलीकॉप्टर कैरियर है और गाइडेड मिसाइल विध्वंसक मुरासेम अभ्यास में शामिल होंगे. इसका नेतृत्व रियर एडमिरल इकेउचीलज़ुरु, कमांडर एस्कॉर्ट फ्लोटिला-3 (सीसीएफ-3) करेंगे. अभ्यास के दौरान पोत के अलावा लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमान पी-8 आई के अलावा मिग-29 के फाइटर एयरक्राफ्ट समेत अन्य हेलीकॉप्टर भी हिस्सा लेंगे.
रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि जिमेक्स-21 का उद्देश्य समुद्री अभियानों के समस्त आयामों में अनेक उन्नत अभ्यासों के संचालन के जरिए सामान्य समझ को विकसित करना और अंतर-संचालन क्षमता को बढ़ाना है. हथियारों से फायरिंग, क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर संचालन और कॉम्प्लेक्स सरफेस, पनडुब्बी रोधी और एयर वॉरफेयर अभ्यास से जुड़े बहुआयामी सामरिक युद्धाभ्यास दोनों नौसेनाओं द्वारा निर्मित समन्वय को मजबूत करेंगे.
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत और जापान के बीच नौसेना सहयोग का दायरा बढ़ा है. जिमेक्स-21 दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग और आपसी विश्वास को और बढ़ाएगा और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को मजबूत करेगा.

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