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वन्यजीवों में भी कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए नेशनल पार्क और चिड़ियाघर 15 मई तक बंद

देहरादून। वन्यजीवों में भी कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड में दोनों टाइगर रिजर्व, सभी छह नेशनल पार्क, सात अभयारण्य, चार कंजर्वेशन रिजर्व और दोनों चिड़ियाघर 15 मई तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण (सीजेडए) के अधिकारियों की वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये शनिवार को सभी राज्यों के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालकों के साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।

राज्य में पहले तीन मई से सभी संरक्षित क्षेत्रों को बंद करने का निर्णय लिया गया था।देश में शेर के कोराना संक्रमण की चपेट में आने की खबरों के बाद एनटीसीए और सीजेडए ने बीते रोज सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी कर संरक्षित क्षेत्रों, चिडिय़ाघरों में पर्यटन गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए थे। इसी बीच शनिवार को एनटीसीए और सीजेडए के अधिकारियों ने सभी राज्यों में स्थिति की समीक्षा की।

बैठक में शामिल हुए राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग के अनुसार सभी राज्यों ने अपने यहां संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बंद कर दी है। उन्होंने बताया कि इस क्रम में उत्तराखंड में भी 15 मई तक संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के साथ ही वहां फिल्मांकन, शोध आदि की अनुमति को तत्काल प्रभाव से निषिद्ध करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 15 मई को स्थिति की समीक्षा कर आगे के लिए निर्णय लिया जाएगा।

चिड़ियाघर और रेस्क्यू सेंटर के लिए खास हिदायत

मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक सुहाग के अनुसार देहरादून और नैनीताल स्थित चिडिय़ाघरों के अलावा चिड़ियापुर व रानीबाग के रेसक्यू सेंटर के लिए खास हिदायत जारी की गई है। वहां सभी कार्मिकों के साथ ही चिकित्सकों के लिए कोरोना जांच की आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य की गई है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वन्यजीवों से दो मीटर की दूरी बनाए रखी जाए। साथ ही वन्यजीवों को दिए जाने वाले मांस को पहले 65 डिग्री पर उबाला जाएगा।

सभी कर्मियों को लगेगा टीका

सुहाग के अनुसार कार्बेट व राजाजी टाइगर रिजर्व के साथ ही सभी संरक्षित क्षेत्रों के कर्मचारियों को कोरोना वारियर मानते हुए उनका पहले टीकाकरण कराने का आग्रह शासन से किया गया है। इस पर सैद्धांतिक सहमति भी बन गई है। उन्होंने बताया कि वैसे भी कार्बेट व राजाजी टाइगर रिजर्व के 76 फीसद कर्मियों का पहले ही टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि संरक्षित क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले वाहन चालकों और गाइड का भी टीकाकरण कराया जाएगा।