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बांदा जेल पहुंचा मुख्तार अंसारी, बैरक नंबर 16 होगा नया ठिकाना, जानिए पल-पल के अपडेट्स

लखनऊ,।  उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को मंगलवार को यूपी पुलिस के हवाले कर दिया गया। मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल से यूपी की बांदा जेल शिफ्ट कर दिया गया है। रोपड़ से कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद यूपी पुलिस अंसारी को लेकर निकल गई, करीब 14 घंटे बाद यूपी पुलिस माफिया को लेकर बांदा जेल पहुंची। कुछ देर के बाद एएसपी महेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्तार अंसारी का स्वास्थ्य ठीक है। इसके बाद सुबह करीब 05:30 पर बांदा जेल के दारोगा ने मुख्तार अंसारी को बैरक तक पहुंचाने की पुष्टि की।

मंगलवार दोपहर करीब दो बजे यूपी पुलिस की टीम मुख्तार को लेकर रोपड़ जेल से बाहर निकली थी। मुख्‍तार अंसारी एंबुलेंस में बैठा रहा और उसके आसपास वज्र समेत पुलिस की दस गाड़ियां चल रही थीं, जिसमें 150 पुलिसकर्मी सवार थे। सड़क मार्ग से माफिया को लाने में टीम ने करीब 1800 किलोमीटर का सफर तय किया। मुख्तार अंसारी को बुधवार तड़के बांदा जेल में लाने के बाद कोरोना टेस्ट कराए जाने के बाद दाखिल कराए जाने की उम्मीद है। इसके लिए जेल में रात 12 बजे से ही स्वास्थ्य टीम मौजूद थी। बहरहाल, अब उसका नया पता बांदा मंडल कारागार की बैरक नंबर 15 होगा।

शाम छह बजे के करीब पुलिस का काफिला मुख्तार अंसारी को लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर गया था। हरियाणा के सोनीपत से ईस्‍टर्न पेरीफेरल एक्‍सप्रेस-वे के रास्ते यूपी के बागपत में एंट्री हुई। इस दौरान यूपी के बॉर्डर पर पहले से ही काफी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस का काफिला तेज रफ्तार के साथ गाजियाबाद-नोएडा की ओर रवाना हो गया था। इस दौरान मुख्तार की एंबुलेंस की खिड़की पर्दों से ढकी हुई थीं।

मुख्तार अंसारी को लेकर जा रहा बांदा पुलिस का काफिला ग्रेटर नोएडा में करीब 20 मिनट तक यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर में रुक कर वाहनों में ईंधन लेने के बाद जेवर टोल पार कर मथुरा की तरफ रवाना हुआ। रात करीब आठ बजे मुख्तार अंसारी को लेकर पुलिस का काफिला अलीगढ़ के टप्पल से पास हो गया। उसके बाद रात करीब नौ बजे यमुना एक्सप्रेस-वे के खंदौली टोल से पुलिस की टीम निकली। पुलिस का काफिला आगरा में यमुना एक्सप्रेस वे के खंदौली टोल प्लाजा से रात पौने दस बजे गुजरा। यहां से करीब ग्यारह बजे फीरोजाबाद स्थित आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस पर नसीरपुर टोल प्लाजा से पुलिस टीम निकली।

बाहुबली मुख्तार अंसारी का काफिला आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे से इटावा कट पर उतरकर कठफोरी टोल प्लाजा से गुजरा। इटावा एसपी प्रशांत कुमार सिंग, सीओ राजीव प्रताप सहित भारी तादात में में पुलिसकर्मी कठफोरी टोल प्लाजा से काफिले के आगे एस्कार्ट किया। काफिला करीब पौने बारह बजे इटावा शहर बाईपास क्रास कर गया था। बताया जा रहा है कि इटावा में खाने के लिए काफिले को रुकना था, लेकिन लखनऊ से निर्देश के बाद यहां ठहराव स्थगित कर दिया गया। यही नहीं बदला रूट भी बदल दिया गया था। आगरा एक्सप्रेस-वे से उतरकर कानपुर रूट से काफिला निकल गया। इसके बाद रात 12:22 पर औरैया होते हुए 01:05 पर कानपुर देहात के सिकंदरा के पास काफिला पहुंचा।

तदोपरांत सिकंदरा-राजपुर के बीच में मवेशी आने के कारण जाम की स्थिति बन गई। हालांकि सुदृढ़ व्यवस्था होने के चलते रात 01:22 पर काफिला राजपुर के सट्टी थाना क्षेत्र पहुंचा। इसके बाद 01:47 पर एंबुलेंस को भोगनीपुर में स्पॉट किया गया, जहां से तीन मिनट के बाद काफिला घाटमपुर की ओर मुड़ गया और रात 02:35 पर घाटमपुर पहुंचा। तत्पश्चात हमीरामऊ, आनुपुर और यमुना पुल होते हुए देर रात तीन बजे यूपी पुलिस का काफिला हमीरपुर सीमा में प्रवेश कर गया था। थाना सुमेरपुर होता हुआ यह काफिला 03:36 पर बांदा के थाना जसपुरा सीमा में प्रवेश हुआ। इसके बाद तड़के साढ़े चार बजते ही पुलिस काफिला मुख्तार को लेकर मुख्य द्वार से बांदा जेल के अंदर प्रवेश कर गया। हालांकि एंबुलेंस के साथ केवल एक गाड़ी ही अंदर गई जिसके बाद गेट को बंद कर दिया गया।

60 किमी का हाई अलर्ट पर रहा हाईवे: मुख्तार अंसारी को बांदा जेल लाने के दौरान इटावा जनपद की सीमा में पड़ने वाले 60 किमी के नेशनल हाईवे आगरा-कानपुर को हाई अलर्ट पर रखा गया था। जनपद में आगरा की तरफ से मीठेपुर गांव से जसवंतनगर थाना क्षेत्र की सीमा शुरू हो जाती है, उसके बाद सिविल लाइन, फ्रेंड्स कॉलोनी, इकदिल, बकेवर थाना सीमा के अंतर्गत आते हैं। इन सीमाओं पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों को मुख्तार अंसारी के काफिले की गाड़ियों को सुरक्षित निकालने के निर्देश शासन द्वारा जारी किए गए थे।

हमीरपुर आते ही बांदा जेल के बाहर सख्त हुआ पुलिस का पहरा: घाटमपुर से यूपी पुलिस का काफिला जैसे ही हमीरपुर की ओर बढ़ा वैसे ही बांदा जेल के बाहर अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई थी। वहीं, बांदा जिले की पपरेंदा पुलिस चौकी के इंचार्ज धर्मेंद्र सिंह, कांस्टेबल गजेंद्र सिंह व होमगार्ड शिवकुमार के साथ पपरेंदा हमीपुर मोड़ पर तैनात हो गए थे। बांदा जेल के मुख्य द्वार के बाहर तिंदवारी थानेदार जाकिर हुसैन व नरैनी कोतवाल सविता श्रीवास्तव मौजूद थे। इसके अलावा गेट के अंदर शहर कोतवाल जयश्याम शुक्ला फोर्स के साथ मौजूद थे।

हमीरपुर के चालकों द्वारा मुख्तार को लाए जाने की चर्चा : सूत्राें के मुताबिक मुख्तार अंसारी को लेकर आ रहे काफिले में शामिल गाड़ियों के चालक को आराम देने के लिए हमीरपुर से आठ चालकों रवाना किया गया था। इन्होंने आगरा के आसपास गाड़ियों की स्टीयरिंग संभाली। वहीं पंजाब से आ रहे चालकों को आराम दिया गया था। इसके बाद इन्हीं पुलिसकर्मियों ने मुख्तार को बांदा जेल तक पहुंचाया। हालांकि एसपी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

काफिले से जुड़ीं यूपी पुलिस की कई और गाड़ियां : पुलिस के वाहन किसी भी प्राइवेट वाहन को मुख्तार की एंबुलेंस के नजदीक नहीं आने दे रहे थे। यूपी पुलिस की कई गाड़ियां काफिले में जुड़ गई थीं। बताया जा रहा था कि अपर मुख्‍य सचिव अवनीश अवस्‍थी और डीजीपी हितेश अवस्‍थी ने आदेश दिया था कि मुख्‍तार अंसारी को लेकर आ रहा यूपी पुलिस का काफिला जिस-जिस जिले से गुजरेगा, उस-उस जिले की पुलिस काफिले को एस्‍कोर्ट करेगी।

सुरक्षा को लेकर परिवार ने खड़े किए सवाल : मुख्तार अंसारी को यूपी लाए जाने से पहले उनके परिवारीजन ने माफिया की जान को खतरा भी जताया था। मुख्तार ने पंजाब की जेल में ही टिके रहने के लिए एक के बाद एक कई कानूनी दांव-पेंच भी अपनाए थे। मुख्तार अंसारी के बड़े भाई और सांसद अफजाल अंसारी ने योगी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए उनकी जान को खतरा बताया है। अफजाल अंसारी ने कहा कि जिस तरह से सरकार के मंत्री और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बयानबाजी कर रहे हैं, उससे कहीं न कहीं शंका पैदा हो रही है। इसी बीच खबर है कि मुख्तार की पत्नी ने शिफ्टिंग के दौरान सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की है।

यूपी में मुख्तार अंसारी के खिलाफ 52 मुकदमे दर्ज : यूपी नंबर प्लेट की एंबुलेंस में मुख्तार अंसारी को पंजाब के मोहाली कोर्ट तक लाए जाने के मामले में भी यूपी के मऊ से पहली गिरफ्तारी भी हो गई है। उत्तर प्रदेश में मुख्तार पर अब तक 52 मुकदमे दर्ज हैं, उसके गैंग के 96 सदस्य गिरफ्तार हुए हैं और उसकी 192 करोड़ की ज्यादा की संपत्तियों को जब्त करने और गिराने की कार्रवाई भी हुई है। गाजीपुर के थाना मुहमदाबाद के हिस्ट्रीशीटर अपराधी मुख्तार अंसारी के विरुद्ध 15 मुकदमे विचाराधीन हैं, जिनमें अब अभियोजन तेज कराया जाएगा।

पल-पल की खबर लेते रहे अधिकारी : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मुख्तार अंसारी को 12 अप्रैल से पहले बांदा जेल में शिफ्ट किया जाना है। पंजाब सरकार के यूपी सरकार को पत्र लिखे जाने के बाद बांदा से पुलिस टीम पंजाब के लिए रवाना किए जाने का निर्णय किया गया था, जिसके बाद सीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम रवाना की गई थी, जो अब मुख्तार को लेकर सूबे में आ चुकी है। इस दौरान प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी मुख्तार को लेकर आ रही टीम से पल-पल की खबर भी लेते रहे। वहीं बांदा जेल व उसके आसपास सुरक्षा घेरा बेहद कड़ा कर दिया गया है।

54 बार यूपी लाने की हुई कोशिश : माफिया मुख्तार को बांदा जेल से 21 जनवरी 2019 को पंजाब के रोपड़ जिले की रूपनगर जेल में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद करीब 54 बार उसको उत्तर प्रदेश में चल रहे मामलों को लेकर वापस लाने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार तारीख मिलती रही। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उसकी वापसी हुई है। बांदा पुलिस की सौ से अधिक सदस्यों वाली पुलिस टीम सोमवार को उसे लेने रवाना हुई थी।