भारत सरकार के कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर अनेक विषयों पर चर्चा की- अशोक बालियान

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भारत सरकार के कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर अनेक विषयों पर चर्चा की- अशोक बालियान, चेयरमैन, पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन

हमने अपने साथी व् किसान नेता राजू अहलावत के साथ भारत सरकार के कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर अनेक विषयों पर चर्चा की है। इस वार्ता में कृषि मंत्री ने कहा कि हम कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए कृषि कानून लाएथे, लेकिन कुछ लोगों को ये कानून पसंद नहीं आए। ये आजादी के 70 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार था। ये कानून लंबी अवधि तक किसानों को लाभ पहुंचाने वाले थे, लेकिन सरकार बिल्कुल भी निराश नहीं है, हम फिर सहमति के साथ आगे बढ़ेंगे, क्योंकि किसान भारत की रीढ़ हैं।
हमारी संस्था पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने भारत सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि सुधार कानूनों का समर्थन किया था। और साथ ही, कानून से जुड़े अपने कुछ सुझाव भी दिए थे। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन और देश के कृषि विशेषज्ञ वर्षों से इन सुधारों के बारे में लिखते आ रहे थे। यूपीए की तत्कालीन सरकार ने भी इन सुधारों को लागू करना चाहा था, लेकिन किसानों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी के कारण वे कदम नहीं उठा पाए थे।
कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने हमे कहा कि कहा लोकतंत्र में राजनीति करने की आजादी सबको है, लेकिन क्या किसान का अहित करके राजनीति की जाएगी, देश की कृषि अर्थव्यवस्था को तिलांजलि देकर अपने मंसूबों को पूरा किया जाएगा, इस पर चर्चा की जरूरत है। श्री तोमर ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अपना स्थान है, विरोध का भी स्थान है, मतभेद का भी अपना स्थान है, लेकिन क्या विरोध इस कीमत पर किया जाना चाहिए कि देश का नुकसान करें। किसान आन्दोलन ने देश के किसानों का नुकसान किया है,एक दिन इसको सब समझेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ये फैसला लिया था और केंद्र सरकार ने किसानों को अपनी उपज कहीं भी बेचने की आजादी देने के लिए तीन कानूनों को पास किया था, ताकि उन्हें फसलों का उचित निर्धारित मूल्य मिल सके।
हमारी कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात के विषय में कृषि क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए, और कृषि सुधर के कार्यक्रम को कैसे आगे बढाये आदि विषय थे।
इस मौके पर बजट से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ हमारी बैठक काफी सार्थक रही। देश में किसान का अहित करके राजनीति की जाएगी, कृषि अर्थव्यवस्था को तिलांजलि देकर अपने मंसूबों को पूरा किया जाएगा, इस पर निश्चित रूप से नई पीढ़ी को विचार करने की जरुरत है।

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