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प्रियंका गांधी समेत पार्टी महासचिवों की कृषि विधेयकों के विरोध की रणनीति को लेकर बैठक

नई दिल्ली। संसद में पास हुए कृषि विधेयकों के विरोध की रणनीति को लेकर दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी महासचिवों और प्रभारियों की बैठक चल रही है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़ी हुईं हैं। माना जा रहा है कि कृषि विधेयकों के विरोध में देशव्यापी आंदोलन को लेकर यह बैठक की जा रही है।

यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष सोनियां गांधी और राहुल गांधी के गैरमौजदूगी में हो रही है, क्योंकि ये दोनों लोग ही इलाज के सिलसिले में देश से बाहर हैं।

बता दें कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सभी महासचिवों और प्रदेश प्रभारियों को पत्र भेजकर इस बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया था। साथ ही संगठन से जुड़े मसलों पर कांग्रेस अध्यक्ष को सहयोग देने की मांग की थी।

संसद में कृषि विधेयक बिल पारित होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने कड़ा विरोध किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि नोटबंदी, गलत जीएसटी और डीजल पर भारी टैक्स है। जागृत किसान जानता है कि कृषि बिल से मोदी सरकार अपने मित्रों का व्यापार बढ़ाएगी और किसान की रोजी-रोटी पर हमला करेगी।

इसके साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा था कि कृषि सुधार बिल देश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली के स्तंभों को चुनौती देता है। किसान इसके विरोध में सड़क पर हैं। सरकार का यह फैसला दर्शाता है कि राज्यों से परामर्श नहीं लिया जाता है।

बता दें कि रविवार को भारी हंगामे के बीच सरकार ने दोनों विधेयकों को राज्यसभा से ध्वनिमत से पारित किया था।कांग्रेस के वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन, माकपा के रागेश और द्रमुक के त्रिची शिवा ने बिलों को प्रवर समिति में भेजने के लिए चार अलग-अलग प्रस्ताव पेश किया था। जिसे उपसभापति ने इस मांग को खारिज कर दिया था। इसके बाद हंगामे का ऐसा दौर शुरू जो सदन के इतिहास में शर्मनाक पन्ने की तरह जुड़ गया। विपक्षी दल लगातार उपसभापति पर संसदीय नियमों को ताक पर रखकर जबरन विधेयक पारित कराने का आरोप लगाया।