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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफफरनगर की ओर से विधिक साक्षरता शिविर का किया गया आयोजन

राजसत्ता पोस्ट

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफफरनगर की ओर से विधिक साक्षरता शिविर का किया गया आयोजन
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मुजफ्फरनगर 13 जनवरी 2021… श्रीमती सलोनी रस्तोगी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त कलेन्डर के अनुसार श्री राजीव शर्मा, माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफफरनगर के कुशल निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफफरनगर की ओर से प्राथमिक विद्यालय ग्राम छपरा थाना छपार, ब्लाक पुरकाजी, जनपद मुजफफरनगर में ‘‘ निःशुल्क विधिक सहायता एवम् मौलिक अधिकार व कर्तव्य बाल भिक्षा वृत्ति, अनुसूचित जाति जनजाति के हिताार्थ चलायी कल्याणकारी योजनाओं’’ के विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। श्रीमती सलोनी रस्तोगी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफफरनगर, के द्वारा उपस्थित समस्त नागरिकों को हमारे संविधान निर्माताओ ने एक ऐसे देश व राज्य व्यवस्था की संकल्पना की है जिसमें किसी भी व्यक्ति के साथ जाति, धर्म, लिंग, जन्मस्थान आदि के आधार पर कोई भेद न हो।
श्रीमती सलोनी रस्तोगी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफफरनगर ने कहा कि हमारा संविधान हम सभी पर कत्र्तव्य अधिरोपित करता है कि जाति धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर हम सभी भाइचारे कीभावना को सशक्त बनाएं। ईश्वर ने हम सभी को समान बनाया है यदि हम सभी का कोई धर्म है तो वह है मानव धर्म यदि हम सभी की कोई जाति है तो वह है मानव जाति। उन्होेने कहा कि संविधान जाति धर्म का भेद किये बिना सभी को समानता का अधिकार प्रदान करता है। अनुसूचित जाति व जनजाति को संविधान अनुच्छेद 14,15,16,17,19,21,23,25,32, में विभिन्न मूल अधिकार प्राप्त किये गये है। उन्होने बताया कि अनुसूचित जाति व जनजाति (अत्याचार निवारण ) अधिनियम 1989 के तहत एस.सी.एस.टी. के साथ अत्याचार करने, जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने पर दण्ड का प्राविधान किया गया है।
सचिव द्वारा यह भी बताया गया कि बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि माता पिता सहित सभी सर्तक रहे। बच्चों को यह समझाये किसी अपरिचित व्यक्ति के बातो में न आये या उसके कहने पर उसके साथ न जाये। यदि कोई व्यक्ति किसी बच्चें को भिक्षावृत्ति कराने के उददेश्य से व्यपहरण करता है तो धारा 363ए भा0द0संहिता तथा धारा 76 किशोर न्याय अधिनियम मंें कारावास व एक लाख रूपये अर्थ दण्ड तक का प्राविधान है। यदि कोई व्यक्ति आर्थिक कारण से मुकदमें की पैरवी करने में असमर्थ है तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन देने पर निः शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जायेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती बीना शर्मा द्वारा महिला हैल्प लाईन नम्बरो के बारे में बताया गया तथा कहा गया कि हमें अपने बेटों व भाईयों को शिक्षित करने की आवश्यकता है कि वे महिलाओं व बालिकाओं का सम्मान करें उनके द्वारा गरीब लोगो को कम्बल भी वितरित किये गये व कोविड -19 करोना वायरस के बारे मे जानकारी देते हुए जागरूक किया गया। श्री संजीव कुमार, श्री निशि कुमार, रेणू रानी, शिवा रानी, श्री अनीसूदीन सहायक अध्यापक, रामकली, रूकमणी, शिला शर्मा, राजेन्द्र, आदि शिविर में उपस्थित रहें।