Home कविता/शायरी काश हम मिले ही ना होते…..

काश हम मिले ही ना होते…..

काश हम मिले ही ना होते,
तो शायद इतने गिले ना होते,
काश मेरी झुकी नजर ना तुम्हे भाई होती ,
काश तुमने सारी रात जाग कर ना बीताई होती,
काश मुझसे मिलने कि बेकरारी ना तुम्हे सताई होती,
काश ये सारी बातें ना तुमने मुझसे बताई होती,
तो शायद आज ये दिन ना आता कि,
मुझे तुमसे और तुम्हे मुझसे नफरत हुई होती।

काश तुम्हारी फ्रेंड रक्वेस्ट फेस बुक पर ना आयी होती,
काश मैंने रिक्वेस्ट एक्सेप्ट ना  हो ती,
काश हमारी बात आगे ना बढ़ी होती,
काश मैंने सबकी समझाई बात मान ली होती,
तो आज शायद ये दिन ना आता कि,
मुझे तुमसे और तुम्हे मुझसे नफरत हुई होती।

काश तुमने मेरी हर इच्छाओं की एक फेहरिस्त ना बनाई होती,
काश तुमने मेरी हर इच्छा को मेरे बोले बिना ही ना पूरी की होती,
काश तुमने इतनी केयर ना की होती,
काश ये सब ना हुआ होता,
तो आज शायद ये दिन ना आता कि,
मुझे तुमसे और तुम्हे मुझसे नफरत हुई होती।।।

दीक्षा त्रिपाठी ✍️