जेपी नड्डा ने कार्यकर्त्ताओं को दिया जीत का मंत्र, बैठक के दौरान आकाओं की परिक्रम करते नजर आए दावेदार

खबरे सुने

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने देहरादून गढ़वाल मंडल की 41 विधानसभा सीटों पर तैनात संगठन की विशेष सेना को सांगठनिक तैयारियों का मंत्र दिया। उन्होंने सरकार और संगठन के सेनापतियों से आसन्न चुनाव में पार्टी की अब तक स्थिति का फीड बैक लिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी अलग-अलग लंबी मंत्रणा की।

जेपी नड्डा का यह दौरा पूरी तरह से सांगठनिक था। दौरे की पटकथा दिल्ली से पहले ही लिख दी गई थी। इसी पटकथा के हर अध्याय के अनुरूप नड्डा ने चरणबद्ध ढंग से बंद कमरे की बैठकें की और इनमें चुनावी तैयारियों के मंत्र दिए। गढ़वाल मंडल में से देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में पहुंचे तकरीबन सभी जिला प्रभारी, विधानसभा प्रभारी, विधानसभा विस्तारक और दूसरे प्रांतों से विधानसभा क्षेत्रों में तैनात किए गए प्रवासी कार्यकर्ताओं को नड्डा ने बूथ प्रबंधन का मंत्र दिया।

हर बूथ को मजबूत करने के लिए उन्होंने पार्टी के स्तर पर तय किए गए 28 कार्यों को शिद्दत के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। अपनी तमाम पिछली बैठकों के समान इस बैठक में भी हर बूथ पर की-वोटर यानी ऐसा मतदाता जो अधिक से अधिक मतदाताओं को प्रभावित करने की क्षमता रखता है, को साधने की सलाह दी। नड्डा का कहना था कि अगले 15 दिन सभी को हर बूथ साधने की साधना करनी होगी। एक तरह से उन्होंने संकेत दिया कि प्रदेश में चुनाव आचार संहिता से पहले बूथ प्रबंधन, पन्ना प्रमुख बनाने की प्रक्रिया और बीएलए बनाने का काम पूरा हो जाना चाहिए।

विधानसभा क्षेत्रों में तैनात टीम को जीत का मंत्र देने के बाद नड्डा ने संगठन और सरकार के सेनापतियों से फीडबैक लिया। फीडबैक के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक, प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार से वन-टू-वन चर्चा की। इस कड़ी में उन्होंने गढ़वाल के दो पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी अलग-अलग फीडबैक लिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा को प्रदेश सरकार में लिए गए लोक हित के निर्णयों और किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी। साथ ही सरकार के स्तर पर मंत्रियों व विधायकों का रिपोर्ट कार्ड दिया। सूत्रों के मुताबिक, उनकी सरकार के स्तर पर अधिक मजबूत, मजबूत और कम मजबूत विधानसभा क्षेत्रों के बारे में भी चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को संगठन के स्तर पर अब तक की गतिविधियों और भावी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने गढ़वाल मंडल में विधानसभा स्तर पर तैनात किए गए जिला प्रभारियों व विधानसभा प्रभारियों से प्राप्त फीडबैक भी नड्डा के सामने रखा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से प्रत्येक विधानसभा में तैनात किए गए विस्तारकों से प्राप्त फीडबैक की जानकारी प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने नड्डा को दिया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तैयारी के साथ पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न एजेंसियों से कराए गए सर्वेक्षणों, प्रभारियों व सह प्रभारियों की रिपोर्ट और समय-समय पर संगठन के स्तर पूर्व में भेजी गई सूचनाओं के आधार पर नड्डा के पास गढ़वाल मंडल की 41 सीटों का खाका था।

इस खाके पर उन्होंने सीएम, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री संगठन के फीडबैक को परखा। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने गढ़वाल मंडल में कांग्रेस समेत सभी प्रतिद्वंद्वी दलों की अब तक रणनीति और उससे निपटने की कार्ययोजना पर जानकारी ली। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं को रणनीति के टिप्स दिए।

नड्डा ने विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के लिए चुनावी व्यूह रचना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र सिंह रावत से भी सुझाव लिए। उन्होंने दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों से अलग-अलग चर्चा की। गढ़वाल मंडल के दोनों कद्दावर नेताओं ने अपने स्तर पर फीड बैक दिया। भाजपा के राष्ट्रीय जेपी नड्डा को तय कार्यक्रम के अनुसार, सात बजे तक नई दिल्ली वापसी करनी थी। लेकिन मंत्रणाओं में इस कदर मशगूल हुए कि देर निर्धारित समय से करीब चार घंटे बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हुए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.