उन्नाव में CDO अधिकारी ने पत्रकार की पिटाई की, वीडियो वायरल

k

उन्नाव: उन्नाव के मियांपुर ब्लॉक में चुनाव की कवरेज के लिए गए पत्रकार कृष्णा तिवारी की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ। इसमें दिख रहा है कि सीडीओ दिव्यांशु पटेल पत्रकार को बीच सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीट रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद एक तरफ जहां सोशल मीडिया पर दिव्यांशु को सस्पेंड करने और उन पर एफआईआर की मांग उठ रही है। वहीं दूसरी तरफ उन्नाव के स्थानीय पत्रकार भी जिला प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गए हैं।

दिव्यांशु पटेल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अकबरपुर जिले के रहने वाले हैं। हालांकि ज्यादातर वक्त बलरामपुर में बीता है। शुरुआती पढ़ाई-लिखाई से लेकर ग्रेजुएशन तक यहीं से किया है। उनके पिता बलरामपुर के एमएलके महाविद्यालय में संस्कृत के एसोसिएट प्रोफेसर हैं। बलरामपुर से ग्रेजुएशन करने के बाद दिव्यांशु दिल्ली आ गए थे। यहां दिल्ली यूनिवर्सिटी से B.Ed और M.Ed करने के बाद जेएनयू में एमए में एडमिशन लिया। यहीं से पीएचडी भी की।

साल 2012 में दिव्यांशु सीआरपीएफ में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट चुने गए थे। हालांकि उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाना था और तैयारी में जुटे रहे। साल 2017 में वे यूपीएससी में सफल हुए और 204वीं रैंक हासिल की। दिव्यांशु को यूपी कैडर मिला।

आपको बता दें कि दिव्यांशु ने साल 2019 में स्वाति सहगल से शादी की थी। दोनों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान को साक्षी मानकर सात फेरे लिए थे। शादी के कार्ड पर भी सावित्रीबाई फुले, अंबेडकर आदि की तस्वीरें थीं। उस वक्त सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हुई थी। दिव्यांशु की तारीफ भी हुई थी। शादी में अनुप्रिया पटेल जैसे नेता भी पहुंचे थे। बता दें दिव्यांशु की पत्नी स्वाति सहगल दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाती रही हैं।

दिव्यांशु पटेल का एक पुराना वीडियो भी वायरल हो रहा है। यह वीडियो तब का है जब वे जेएनयू में छात्र हुआ करते थे। इस वीडियो में दिव्यांशु एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार से बात करते दिखाई दे रहे हैं। वह बता रहे हैं कि किस तरीके से कथित तौर पर उनके पिता के साथ ज्यादती की गई थी। दिव्यांशु कह रहे हैं कि उनके पिता ने उन्हें नसीहत दी कि जो ब्राह्मणवाद और मनुवाद मुर्दाबाद बोलेगा उसे ब्राह्मणवादी लोग देशद्रोह में फंसा देंगे। आंदोलन में भी मत शामिल होना, लेकिन जब देश ही नहीं रहेगा तो कैसा द्रोह?

सीडीओ दिव्यांशु पटेल के कुछ और वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे हैं। यह वीडियो उनके यूपीएससी में सफल होने के बाद के हैं। जिसमें वे बता रहे हैं कि किस तरीके से उनके गुरु ने उन्हें आईएएस बनने के बाद भी समाज से जुड़े रहने और लोकतांत्रिक परंपराओं के पालन की सीख दी है।

पहले भी रहे हैं विवादों में: यह पहला मौका नहीं है जब दिव्यांशु पटेल विवादों में हैं। इससे पहले वे उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में बतौर एसडीएम तैनात थे। यहां उनपर जबरन एक मजार हटाने का आरोप लगा था। इसी दौरान उनकी एक किसान नेता से बातचीत का ऑडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें में किसान नेता को कथित तौर पर हड़काते सुनाई दे रहे थे।

सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ने के बाद दिव्यांशु पटेल ने अपना टि्वटर अकाउंट डीएक्टिवेट कर दिया है। उनके कई पुराने ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी लोग साझा कर रहे हैं। इसमें कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।

ट्विटर पर ‘अरेस्ट सीडीओ दिव्यांशु पटेल’ हैशटैग के साथ 15 हज़ार से ज्यादा लोगों ने इस मामले पर टिप्पणी की है। लोग दिव्यांशु पटेल को सस्पेंड कर उन पर एफआईआर की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस की पवक्ता डॉ अर्चना शर्मा ने लिखा, ‘अत्याचार, सत्तामद और पुलिसिया दमन। अब भी रहे मौन तो लुट जायेगा चैन ओ अमन। कसम खालो। ख़त्म कर के रहेंगे #यूपी_में_गुंडाराज’।

युवा हल्ला बोल के अध्यक्ष अनुपम ने पिटाई वाला वीडियो साझा करते हुए लिखा ‘ये उन्नाव जिले के CDO और 2017 बैच के IAS दिव्यांशु पटेल हैं जो पत्रकार कृष्ण तिवारी को बुरी तरह पीट रहे हैं। छत्तीसगढ़ में जब DM ने एक लड़के को थप्पड़ मार दिया तो सबने आवाज उठाई और CM भूपेंद्र बघेल ने एक्शन भी लिया। अब यहाँ इस लंपट IAS अधिकारी पर योगी आदित्यनाथ क्या एक्शन लेंगे?।

कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने ट्वीट किया ‘उन्नाव में पत्रकार को पीटते हुए ये CDO दिव्यांशु पटेल हैं, ये महाशय वही हैं जिन्हें बाराबंकी में मस्जिद तोड़ने का इनाम SDM से CDO बनाकर मिला था। अब पत्रकार की पिटाई के इनाम के तौर पर योगी जी इन्हें किसी ज़िले का DM भी बना सकते हैं…।’

Share this story