पाकिस्‍तान पर सीधा निशाने लगाने से बचे भारत और अमेरिका, जानें क्‍या है इसकी वजह

खबरे सुने

अफगानिस्तान में डबल गेम खेल रहे पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अमेरिका परेशान जरूर है और इसका जिक्र भी उसके शीर्षस्तरीय नेता बार-बार कर रहे हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि बाइडन प्रशासन आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ मिलकर पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा करने से परहेज कर रहा है। इस बात का संकेत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन की शीर्षस्तरीय मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान से मिलता है।

एक तरफ जहां मोदी और तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 25 फरवरी, 2020 की मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने सीधे तौर पर पाकिस्तान को कहा था कि वह अपन जमीन का आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल न होने दे, वहीं शुक्रवार देर रात जारी बयान में पाकिस्तान का जिक्र भी नहीं है। बाइडन और मोदी ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए ही 26 नवंबर, 2008 को मुंबई पर हमला करने वालों को सजा दिलाने की बात कही। पिछले साल के बयान में पाकिस्तान से कहा गया था कि वह मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं को सजा दिलाए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.