कोरोना काल में स्कूलों व कॉलेजों पर मनमानी फ़ीस वसूलने पर लगे रोक----- क़ाज़ी तज़कीर मुशीर
L

अधिवक्ता व समाजसेवी क़ाज़ी तज़कीर मुशीर ने मीडिया के माध्यम से ज़िला प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि मार्च 2020 से कोरोना  महामारी के चलते लोगों का व्यापार लगभग समाप्त है ऐसे में आमजन के लिए अपनी जीविका के लिए दो वक्त की रोटी का बंदोबस्त करना मुश्किल हो रहा है, तो स्कूल की मनमानी फीस कहा से देंगे| ज़िला प्रशासन इस ओर ध्यान दें कि स्कूलों को मनमानी करने से रोका जाए और मोटी फीस वसूल करने पर पूर्णतया पाबंदी लगाई जाए|

लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद है बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं स्कूल न जाने  के बावजूद निजी स्कूलों की ओर से अभिभावकों पर फीस जमा करने का दबाव बनाया जाता है लॉक डाउन के बाद से सभी की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं| बच्चे स्कूल भी नही गए और स्कूल की फीस जमा करने को कहा जाता है,  बच्चों पर  ऑनलाइन पढ़ाई थोपी जा रही है जो कि गलत है| बच्चें ऑनलाइन पढ़ाई से कई बीमारियों का शिकार हो रहे हैं| अभिभावक को स्मार्ट फोन खरीदने का दबाव बनाया जाता है, न जाने किस तरह मेहनत करके माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाते हैं फिर वो एक स्मार्ट फ़ोन ख़रीदे ये बहुत ज़्यादती है| उन्होंने सभी अभिभावकों से गुज़ारिश की है फ़ीस माफ़ी को लेकर इस मुहिम को तेज़ी से चलाया जाए|

Share this story