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तमाम प्रयासों के बाद भी चुनावी साल में एक झटके में उनकी कुर्सी चली गई

हल्द्वानी : तमाम प्रयासों के बाद सरकार का हिस्सा बने दायित्वधारी शासन के आदेश के बाद अब पदमुक्त हो चुके हैं। चुनावी साल में एक झटके में उनकी कुर्सी चली गई। इसमें सबसे कम कार्यकाल रामनगर निवासी हरीश दफौटी का रहा। एक मार्च को हरि राम टम्टा परंपरागत शिल्प उन्नयन संस्थान के अध्यक्ष का पद संभालने वाले दफौटी ने संस्थान के अफसरों संग अब तक सिर्फ एक बैठक की थी। वहीं, तीरथ राज में तैयार होने वाली नई लिस्ट में जगह बनाने के लिए निवर्तमान दायित्वधारियों के अलावा पूर्व में किसी वजह से चूक चुके भाजपा नेता भी खासे सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों की माने तो लिस्ट आने से पहले इन्होंने हल्द्वानी से लेकर दून तक के संपर्कों को खंगालना शुरू कर दिया है।

पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में दायित्व पाने वाले 120 नेताओं की कुर्सी जाने की चर्चाओं पर शुक्रवार को शासन के आदेश के बाद मुहर लग गई। नैनीताल जिले से कुल सात लोगों का दायित्व अब छीन लिया गया है। इसमें पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष से लेकर भाजपा में अलग-अलग पदों पर काम कर चुके पुराने नेता भी शामिल है। खास बात यह है कि पार्टी के अलग-अलग नेताओं संग नजदीकियां होने के कारण इन्हें उनका वरहदस्त हासिल था। अब इन्हीं पुराने कनेक्शन के सहारे यह लोग दोबारा माननीय का दर्जा पाने को लेकर जोड़-तोड़ में जुट गए हैं। हालांकि नई रेस में इनका मुकाबला उन लोगों से भी होगा जो कि पूर्व में तमाम प्रयासों के बावजूद सरकार में शामिल नहीं हो पाए थे।

इनका दायित्व हट गया

जिन दायित्वधारियों को पद मुक्त किया गया है, उनमें नैनीताल जिले से मंडी परिषद अध्यक्ष गजराज बिष्ट, नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद के उपाध्यक्ष प्रकाश हर्बोला, केएमवीएन उपाध्यक्ष रेनू अधिकारी, समाज कल्याण अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष फकीर राम टम्टा, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति उपाध्यक्ष बहादुर सिंह बिष्ट, उत्तराखंड आवास सलाहकार समिति उपाध्यक्ष तरुण बंसल, हरि राम टम्टा परंपरागत शिल्प उन्नयन संस्थान अध्यक्ष हरीश दफौटी शामिल हैं।

आयोग के उपाध्यक्ष बने रहेंगे

अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मजहर नईम, अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष पीसी गोरखा व सफाई आयोग के उपाध्यक्ष अजय राजौर की कुर्सी अभी बची हुई है। संवैधानिक  पद होने की वजह से तीनों दायित्वधारी अपने कार्यकाल को पूरा करेंगे।