कोविड-19 के कारण पुरुषों में हो सकती है नपुंसकता, जानिए ठीक करने के उपाय
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फिलहाल देश में कोरोना संक्रमण की लहर थमती दिख रही है, एक महीने पहले जहां रोजाना तीन लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे थे, वह घटकर अब रोजाना सवा लाख के करीब हो गया है। इस बीच विशेषज्ञों ने लोगों में पोस्ट कोविड समस्याओं को लेकर आगाह किया है। कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को होने वाली बीमारियों और स्वास्थ्य जटिलताओं को पोस्ट कोविड के तौर पर जाना जाता है। कई लोगों में पोस्ट कोविड के तौर पर हृदय, फेफड़े और न्यूरोलॉजिकल विकारों की पुष्टि हो रही है। 
पोस्ट कोविड के बढ़ते मामलों के बीच एक सवाल लोगों को खासा परेशान कर रहा है- क्या कोविड-19 के कारण पुरुषों को नपुंसकता की समस्या भी हो सकती है? हाल ही में हुए एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने इस बारे में विस्तार से बताया है। 
इसी साल मार्च में हुए एक अध्ययन में विशेषज्ञों ने कोविड के कारण सेक्स लाइफ में होने वाली दिक्कतों और कुछ मामलों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन (नपुंसकता) की समस्या के बारे में बताया है। जर्नल एंड्रोलॉजी में प्रकाशित अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया कि कोरोना वायरस पुरुषों के हृदय (कार्डियोवस्कुलर सिस्टम) को नुकसान पहुंचा सकता है जिसके कारण सेक्स के दौरान इरेक्शन से संबंधित समस्या होने का खतरा बढ़ गया है।
अध्ययन में विशेषज्ञों ने बताया कि कोविड-19 जब कार्डियोवस्कुलर सिस्टम को प्रभावित करता है तो इसके चलते रक्त वाहिकाओं में संकरेपन की समस्या आ जाती है, इसके चलते पुरुषों में इरेक्शन से संबंधित दिक्कतें हो सकती है। वायरस के कारण होने वाली वैस्कुलर कंडीशन में लिंग में रक्त की आपूर्ति प्रभावित हो जाती है, जिसके कारण पुरुषों को इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हो सकती है। यह अध्ययन इटली में कोरोना से ठीक हो चुके दो पुरुषों पर किया गया था। 
अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि अकेले कोविड-19 संक्रमण ही पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन पैदा करने के लिए जिम्मेदार नहीं है। कई मामलों में यह समस्या महामारी से संबंधी तनाव, चिंता, अकेलेपन की भावना जैसे मानसिक सेहत पर पड़े असर के कारण भी हो सकती है।
डॉ सत्यकांत त्रिवेदी बताते हैं कि तनाव, घबराहट और अवसाद जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के चलते पुरुषों को इरेक्शन की परेशानी हो सकती है। सेक्स की प्रक्रिया में मन का स्थिर और शांत होना काफी आवश्यक है। इस तरह की मानसिक समस्याओं के चलते संभोग के कुल समय तथा सेक्स की इच्छा में कमी और  इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से इरेक्टाइल डिसफंक्शन को प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है। डॉ सत्यकांत बताते हैं कि संभोग के समय  सकारात्मक मानसिकता रखना आवश्यक है। जिन लोगों को कोविड-19 के बाद इरेक्टाइल डिसफंक्शन से संबंधित दिक्कतें हो रही हैं उन्हें समस्या का कारण समझने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक से मिलना चाहिए। अनाधिकृत चिकित्सा पद्धतियों के चक्कर में न पड़ें इससे ज्यादा नुकसान हो सकता है। यदि यह समस्या मानसिक रोगों के कारण हो रही है तो ऐसे में सेक्स उपचार की जगह मानसिक रोगों को ठीक करने की जरूरत होती है। यू-ट्यूब से जानकारियां लेकर खुद से ही इसका इलाज ढूंढने की गलती भारी पड़ सकती है।

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