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अगर किसान धरने पर होगा तो प्रशासन को भी चेन से नही सोने देंगे-राकेश टिकैत

7 नवंबर को शिवचौक पर होगी किसान पंचायत

मुज़फ्फरनगर के अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर भाकियू के धरने के छठे दिन राकेश टिकैत जी ने कहा कि अगर किसान सड़को पर है तो अधिकारियों को भी घर मे सोने नही देगे।गन्ना किसान का पिछले चार वर्षों में कोई मूल्य नही बढ़ा है,जबकि उत्पादन लागत में दोगुना वृद्धि हुई है।सरकार किसान की कमर तोड़ रही है। उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का 8 हजार करोड़ बकाया है। भुगतान के सभी वायदे जुमले साबित हुए है। मूल्य में वृद्धि व भुगतान के बिना किसान घर वापस नही जाएगा। यह आंदोलन चलता रहेगा।
मुजफ्फरनगर में किसानों की जबरन भूमि छीनने के बाद उचित मुवावजा नही दिया गया है। जिला प्रशासन अगर राष्ट्रीय राजमार्ग 58 व 709 व फ्रंट कॉरिडोर में किसानों को न्याय नही देता तो जनपद के सारे कार्य बंद करा दिए जाएंगे।

भाकियू की सरकार से मांग

1 गन्ने का मूल्य 450 रू कुंतल घोषित किया जाय।
2 किसानों के बकाया गन्ना भुगतान लगभग 8000 करोड़ का भुगतान वापस कराया जाए।
3 न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून बनाया जाए।
4 किसानों के कोल्हू पर फिक्स चार्ज के आधार पर बिल लिया जाय।
5 गन्ना नियंत्रण कानून से व्याज समाप्त करने की धारा को समाप्त किया जाए।
6 धान के क्रय केंद्र पर किसानों की खरीद की जाय। मक्का व बाजरे के भी क्रय केंद्र खोले जाय।
इन समस्याओं के समाधान तक पूरे प्रदेश में आंदोलन जारी रहेगा।
आज धरने की अध्यक्षता महाशय कलम सिंह ओमपाल सिंह मलिक ने किया।
धरने में मुख्य रूप से अनुज बालियान,अर्जुन सिंह ,देशपाल सिंह,राजू अहलावत,अशोक घटायन,योगेंद्र सिंह,विपिन मेंहदीयान,आलोक गोयल,बिट्टू ठाकुर,महकार सिंह,श्याम सिंह सैनी,ओमवीर सिंह,गुलशन दतियाना, सतेंद्र नेताजी,नवीन सैनी,बीरसिंह,ज्ञानेश्वर त्यागी,सतेंद्र ठाकुर,चंचल,अनुज बालियान, मुरसलीन, योगेश बालियान, नवीन राठी,मांगेराम त्यागी,बाबू सिंह,रामपाल दरोगा जी,हरिओम त्यागी,बिट्टू,कुशलवीर सिंह,नोमान,कुलदीप त्यागी,पिंटू बालियान सहित हजारों किसान मौजूद रहे।