Home शख्सियत प्यारा मुझे हिंदुस्तान बहुत है

प्यारा मुझे हिंदुस्तान बहुत है

एक ग़ज़ल

शराफत के नुकसान बहुत हैं
सादगी के भी कद्रदान बहुत हैं

धन दौलत छुपा कर रखना
दुनिया में बेईमान बहुत हैं

दिल की बातें इशारों से कहना
लोग बातों पर देते ध्यान बहुत हैं

मेरे देश की खामियां मत बताना
प्यारा मुझे हिंदुस्तान बहुत हैं

हवा में नहीं उड़ते हम दोस्तों
उड़ने को आसमान बहुत है

किस-किस को समझाओगे दीप
यहां तुम्हारे जैसे नादान बहुत हैं

✍🏻दीपा गुप्ता
लेखिका/कवयित्री
(दिल्ली)