उत्तराखंड का बेटा कैसे बना यूपी का मुख्यमंत्री
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसी समय में उत्तराखंड के निवासी अजय सिंह बिष्ट हुआ करते थे। इनका जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित यमकेश्वर तहसील के पंचुर गांव में हुआ। हालांकि सीएम योगी पूर्वाश्रम (संन्यास से पहले) का जन्मदिन नहीं मनाते। योगी होने के नाते भी वह इन सबसे दूर रहते हैं। हर साल की तरह इस बार भी सीएम योगी बगैर किसी आयोजन के अपना रोजमर्रा का काम कर रहे हैं। हालांकि उनके लाखों प्रशंसक उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। इनके गोरखपुर में आने से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक का सफर बेहद संघर्षमय रहा है।

साल 1994 में दीक्षा के बाद वह योगी आदित्यनाथ बन गए थे। योगी हिंदू युवा वाहिनी संगठन के संस्थापक भी हैं, जो कि हिंदू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है। योगी आदित्यनाथ ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी से गणित से बीएससी की है। 1993 में गोरक्षनाथ मंदिर पहुंचे योगी की दीक्षा के समय विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल भी मौजूद थे।

यहीं नहीं थाइलैंड के एक पार्क में टाइगर के बच्चे को दूध पिलाते हुए योगी की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। छोटे चीते के साथ लाड-प्यार दिखाते हुए योगी आदित्यनाथ ने लोगों से बाघों को बचाने की अपील भी की थी।

महंत योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर रहे ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ के शिष्य हैं। 1998 से लेकर मार्च 2017 तक योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद रहे और हर बार उनकी जीत का आंकड़ा बढ़ता ही गया।

2017 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। योगी आदित्यनाथ मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी हैं।गोरखपुर में अपने ऑफिस में बंदर के साथ बैठकर काम करते वक्त आदित्यनाथ की फोटो किसी ने खींच ली, जो चर्चा का विषय बनी। 1998 में पहली बार जब 12वीं लोकसभा (1998-99) के लिए योगी आदित्यनाथ चुने गए तो सबसे कम 26 साल की उम्र के सांसद थे।

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