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हरीश रावत 2017 में चेहरा थे; दो सीटों पर हारे: नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश

देहरादून। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा इंदिरा हृदयेश ने आगामी चुनाव में सामूहिक नेतृत्व पर सवाल उठा रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि 2017 के चुनाव में बतौर मुख्यमंत्री हरीश रावत ही चेहरा थे, लेकिन वह खुद दो सीटों पर चुनाव हार गए। पार्टी को सिर्फ 11 सीटें मिलीं।आगामी विधानसभा चुनाव में नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस के भीतर जंग शुरू हो चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इस मामले में पार्टी की सामूहिक नेतृत्व की नीति को लेकर प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव को निशाने पर लेने से नहीं चूक रहे। इंदिरा हृदयेश ने इंटरनेट मीडिया पर हरीश रावत की मुखर टिप्पणी को लेकर उन पर तंज कसा। उन्होंने हरीश रावत को नसीहत दी कि वह ऐसा वातावरण बनाएं ताकि जनता हमें चुनाव में वोट दें। महत्वाकांक्षा के चलते पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

पार्टी की वरिष्ठ नेता ने कहा कि हरीश रावत चाहें तो खुद को पार्टी हाईकमान से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए चेहरा घोषित करा दें। उन्होंने कहा कि किसे चेहरा बनाना है या नहीं, यह काम हाईकमान का है। रावत ब्लाक प्रमुख से लेकर मुख्यमंत्री तक रह चुके हैं। पार्टी ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में दो सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला उनका था। हालांकि, वह खुद इस पक्ष में नहीं थीं। पार्टी को एक के बजाय दो सीटों का नुकसान हुआ। वह जीतते तो पार्टी 13 सीटें जीत जाती।

उधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि पार्टी आगामी चुनाव में सामूहिक नेतृत्व में लडऩे के पक्ष में है। मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने का हरीश रावत का सुझाव निजी है। इसका पार्टी से लेना-देना नहीं है।

रावत के रुख पर पार्टी का रुख फिर हो सकता है साफ

कांग्रेस में उत्तराखंड में आगामी चुनाव में चेहरा घोषित करने की पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयान पर प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव पार्टी का रुख जल्द साफ कर सकते हैं। देवेंद्र यादव 15 जनवरी को कांग्रेस के राजभवन कूच कार्यक्रम में शामिल होंगे। हालांकि इस कार्यक्रम में हरीश रावत ने शामिल होने में असमर्थता जताई है। उन्होंने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में व्यस्तता का हवाला दिया है।