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इस बार 12 लाख 10 हजार में बिका लखनऊ में सोने का करवा, चांदी के बीकानेरी की भी मांग

लखनऊ। नवरात्र के बाद करवा चौथ की खरीदारी के लिए बाजारों में रौनक है। दुकानें ग्राहकों से गुलजार हैं। सर्राफा बाजार हो या फिर बर्तन बाजार सभी में करवा के खरीदारों की भीड़ है। यही हाल लहंगा और साड़ी की दुकानों का है। चौक सर्राफा बाजार में 212 ग्राम से अधिक वजन का करीब 12 लाख दस हजार रुपये की कीमत के सोने का करवा रविवार को बिक गया। चांदी के बीकानेरी करवा की मांग सर्राफा बाजार में खूब है। तो मुरादाबादी नक्कासी वाला पीतल और कांसा का करवा लोगों की खास पसंद है।

12 लाख 10 हजार का सोने का करवा बिका

लखनऊ सर्राफा के आदीश जैन ने बताया कि चौक बाजार में करीब 212ग्राम 200 मिलीग्राम का करवा आर्डर देकर बनवाया गया था। इसकी डिलीवरी हो गई है।

हाथ से किए गए काम वाला ट्रेडिशनल करवा भा रहा

बाजार में इस बार पुराने ट्र्रेडिशनल हाथ से काम किए जाने वाला करवा लोगों की पसंद में है। विशेष तरह से डिजाइन किया गया इस करवे का आकर्षण चेन और कुंदन का काम है। आलमबाग के सर्राफ राजीव गुप्ता ने बताया कि 390 ग्राम वजन के इस करवे की कीमत 31,200 रुपये है। इसमें सारा काम कारीगरों द्वारा हाथ से निर्मित किया गया है। चौक सिद्धार्थ जैन ने बताया कि कलकतिया काम वाला लखनवी चांदी का करवा भी पसंद किया जा रहा है। इसका मुख्य आकर्षण करवों पर की गई विशेष तरह की मीनाकारी है। यही वजह है कि इस करवा की भी खूब डिमांड है।

बीकानेरी करवा

बीकानेरी चांदी के करवा की मांग बहुत है। वजन के हिसाब से ऑन डिमांड इसे तैयार किया जाता है। बेजोड़ नक्कासी वाला यह करवा फिलहाल सवा सौ से ढाई सौ ग्राम के बीच बाजार में उपलब्ध है। मांग को देखते हुए जो लोग इसे और वजनदार बनवाना चाहते हैं। उनसे आर्डर लेकर तैयार करा दिया जाएगा। नक्कासी वाला करवा लोगों की खास पसंद है।

बर्तन बाजार में सस्ते करवे की एक बड़ी रेंज

यहियागंज बर्तन बाजार के नितेश अग्रवाल बताते हैं कि जो लोग चांदी का महंगा करवा नहीं खरीद सकते हैं उनकी पॉकेट के हिसाब से बर्तन बाजार में सस्ते करवे हैं। गीलट का करवा साढे़ पांच सौ रुपये किलो है तो पीतल का मुरादाबादी नक्कासीदार कटे ग्रुव वाला करवा साढे़ पांच सौ से लेकर पंद्रह सौ तक है। वहीं सादा पीतल का करवा छह सौ से लेकर एक हजार रुपये की कीमत का है। इसमें डिजाइनर थाली और छलनी भी है। एक सेट के रूप में भी पीतल का करवा लाया गया है। इसमें डिजाइनर थाली और छलनी भी है। पीतल का मुरादाबादी करवा ज्यादा पसंद किया जा रहा है। कांसे का करवा भी लोग मांग रहे हैं। इसके साथ ही फैंसी बर्तन, कुकर, कुकवेयर, पूजा के बर्तन, थाली,कटोरा, डिनर सेट समेत कई चीजों की खरीदारी लोग कर रहे हैं।

साड़ी और लहंगा की हुई खरीदारी

करवा के लिए साड़ियों और लहंगा की मांग भी खूब है। कारोबारी उत्तम कपूर बताते हैं कि दो हजार रुपये से लेकर बीस हजार तक की सिल्क की साड़ियां खरीदी जा रही हैं। जयपुरिया इंब्राइडरी वाली चुनरी साड़ी के अलावा पांच हजार से चालीस हजार रुपये की रेंज वाले लहंगा आकर्षण का केंद्र हैं। अशोक मंगलानी के मुताबिक साड़ियों में सिल्क की साड़ियों के अलावा लहंगे की डिमांड करवा पर है।