Home उत्तराखंड हरिद्वार में होगा हिन्दी साहित्य भारती का वैश्विक अधिवेशन मई माह में

हरिद्वार में होगा हिन्दी साहित्य भारती का वैश्विक अधिवेशन मई माह में

रिपोर्ट आशीष त्यागी

कुम्भ-2021 के अवसर पर हरिद्वार में हिन्दी साहित्य भारती की प्रतिनिधि सभा का वैश्विक अधिवेशन एवं संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा, जिसमें देश-विदेश से हिन्दी साहित्य भारती के लगभग 300 प्रतिनिधि प्रतिभाग करेंगे। यह जानकारी हिन्दी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय महामन्त्री डॉ० अनिल शर्मा ने दी।

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हिन्दी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवींद्र शुक्ल ने कहा कि हिन्दी साहित्य भारती का प्रमुख उद्देश्य भारत के गौरवशाली साहित्य एवं सांस्कृतिक चेतना को विश्व पटल पर प्रतिष्ठा दिलाना और हिन्दी को भारत में राष्ट्रभाषा का संवैधानिक अधिकार दिलाना है। उन्होंने कहा कि भारत विरोधी विचारधारा के तथाकथित साहित्यकारों ने साहित्य,समाज और राष्ट्र का बड़ा नुकसान किया है । हिन्दी साहित्य भारती समाज और देश को तोड़ने की मानसिकता रखने वाले लोगों को बेनकाब कर राष्ट्रवादी सोच के साहित्यकारों को यथोचित सम्मान दिलाने का कार्य करेगी।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने कहा कि उत्तराखंड में हिन्दी साहित्य भारती का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्य को और बेहतर बनाया जायेगा । डॉ. मिश्र ने कहा कि कुम्भ-2021 के अवसर पर हरिद्वार में आयोजित होने वाला हिन्दी साहित्य भारती का वैश्विक अधिवेशन ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधियों के स्वागत-सत्कार तथा कार्यक्रम की सफलता के लिए कोई कोर कसर नही छोड़ेंगे।

बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे हिन्दी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अनिल शर्मा ने कहा कि भारत के सभी प्रदेशों और विश्व के 35 देशों में विस्तार ले चुकी हिन्दी साहित्य भारती विश्व की सबसे बड़ी साहित्यिक संस्था बन चुकी है।

बैठक की संचालक प्रदेश महामंत्री डॉ. कविता भट्ट “शैलपुत्री” ने प्रदेश की आख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश के 13 जनपदों में से 11 जनपदों में संगठन सुदृढ़ है अन्य 2 जनपदों में भी फरवरी माह के जिला कार्यकारिणी का विस्तार कर दिया जायेगा।

प्रदेश महामंत्री संगठन डॉ० कलीराम भट्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष ललित मोहन राठौर “शौर्य”, प्रदेश संयुक्त महामंत्री डॉ. महेश शर्मा व मीनू जोशी, प्रदेश मंत्री रामशंकर सिंह, बीना जोशी व डॉ० अर्पणा रावत, प्रदेश कोषाध्यक्ष सचिन प्रधान व प्रदेश मीडिया संयोजक ठाकुर मोहित सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये और महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक में उपरोक्त के अलावा जिलाध्यक्षों मे हरिद्वार से अरुण शर्मा,बागेश्वर से डॉ गोपाल कृष्ण जोशी, चंपावत से जितेंद्र राय, पिथौरागढ़ से नवीन चन्द्र शर्मा, चमोली से भगत सिंह राणा हिमाद, उत्तरकाशी से राजेश जोशी,पौड़ी से दिनेश चंद्र पाठक जिला महामंत्रियों में हरिद्वार से अलका शर्मा, देहरादून से डॉ. सुनील दत्त थपलियाल, पौड़ी से रोशन बलूनी, उत्तरकाशी से साधना जोशी रुद्रप्रयाग से दमयन्ती भट्ट , नैनीताल से डॉ. अनुपम शुक्ल, अल्मोड़ा से मोती प्रसाद साहू, चंपावत से संजय भारद्वाज, टिहरी संयोजक नीलकंठ व्यास, उधम सिंह नगर संयोजक विवेक बादल के साथ- साथ नवीन भट्ट, नीलम जोशी, राजेन्द्र सिंह रावत, रेखा चमोली, सोनू उप्रेती, सुमन पाण्डेय, त्रिभुवन गिरू, कुलानन्द रतूड़ी, अमिताभ व्यास, अन्नु ध्यानी, भगवती पनेरू, दीपा पाण्डेय, धाराबल्लभ पाण्डेय, अनुज सेमवाल, मनीष पन्त आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।