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नहाय-खाय के साथ कोरोना काल का पहला छठ शुरु, राज्‍यपाल व CM नीतीश ने दी बधाई

पटना। Chhath Puja 2020 लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ (Chhath) बुधवार को नहाय-खाय (Nahai-Khay) के साथ शुरू हो गया है। इसका समापन शनिवार को उगते सूर्य को अर्घ्‍य (Morning Arghya) देने के साथ होगा। इसके पहले गुरुवार को खरना (Kharna) व्रत होगा तथा शुक्रवार को भगवान भास्‍कर को सायंकालीन अर्घ्‍य (Evening Arghya) दिया जाएगा। छठ व्रत को लेकर बिहार के नदी घाटों पर सुरक्षा व कोरोना संक्रमण (CoronaVirus Infection) से बचाव को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। महापर्व को लेकर राज्‍यपाल फागू चौहान (Governor Fagu Chauhan) तथा मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) सहित कई जनप्रतिनिधियों ने जनता को बधाई दी है।

नहाय-खाय के लिए घाटों पर आ रहे श्रद्धालु

चार दिवसीय छठ व्रत का आज पहला दिन है। इस दिन व्रती अरवा चावल, दूध और गुड़ से बने खीर का प्रसाद बना कर सूर्य देव को अर्पित करते हैं। व्रती व अन्‍य श्रद्धालु गंगा जल या आपपास के अन्‍य नदियों के जल से स्‍नान करते हैं, फिर वहां से जल लाकर प्रसाद बनाते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण के कारण नदी घाटों पर पहले वाली भीड़ तो नहीं दिख रही, लेकिन व्रतियों का आना जारी है। पटना की बात करें तो गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है।

कोरोना गाइडलाइन के साथ मनाया जा रहा पर्व

छठ पर्व नदियों-तालाबों के किनारे घाट बनाकर मनाने की परंपरा है। इसके लिए नदी-घाटों पर तैयारियां की गईं हैं, लेकिन कड़े एहतियात के साथ। प्रशासन ने कोरोना संक्रमण को लेकर नदी घाटों पर नहीं जाने की अपील की है, लेकिन जाने वालों को रोका भी नहीं है। हां, कोरोना संक्रमण की गाइडलाइन जारी करते हुए उनसे पैदल जाने, शारीरिक दूरी का पालन करने तथा मास्‍क पहनने को कहा है। बीमार तथा 10 साल से कम व 60 साल से अधिक के लोगों को घाटों पर जाने की अनुमति नहीं दी गई है। व्रत कि दौरान पानी में डुबकी भी नहीं लगानी है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए छठ के दौरान मेला व सांस्कृतिक व भक्ति के कार्यक्रम का आयोजन भी नहीं किया जाएगा।