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तीन काले कृषि कानून सरकार ने वापस नहीं लिए तो किसानों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा-चौधरी गौरव टिकैत

 

राजसत्ता पोस्ट

(प्रतीक्षा मित्तल)

हरियाणा के जनपद यमुनानगर के कस्बा रणजीत सिंहपुर में आज एक विशाल किसान महापंचायत को युवा भाकियू नेता चौधरी गौरव टिकैत ने संबोधित करते हुए कहा कि अगर ये तीन काले कृषि कानून सरकार ने वापस नहीं लिए तो किसानों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। चौधरी गौरव टिकैत ने कहा कि तीनों कृषि क पहले व्यापारियों के गोदाम बने फिर उसके बाद कानून लाए गए। इसका मतलब है कि ये तीनों कृषि कानून व्यापारियों की सांठ गांठ से बने हैं। वो दिन दूर नहीं है जब जनता इन गोदामों को तोड़ेगी। इसलिए सरकार इन गोदामों का अधिग्रहण कर ले। आगे उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह मंडी एक्ट लेकर आये थे जिसको सर छोटूराम राम ने पंजाब में लागू करवाया। जिसकी वजह से आज पंजाब के किसानों की फसल एमएसपी पर खरीदी जाती है। उन्होंने कहा कि अगर ये आंदोलन ना होता तो सरकार गन्ने की कीमत बढ़ाने के बजाय घटा देती। जिस दिन ये आंदोलन कमजोर हुआ तो उस दिन किसान मारे जाएंगे।


चौधरी गौरव टिकैत ने कहा कि 2021 आंदोलन का साल है और ट्रैक्टर किसानों का प्रतीक बन गया है। इसलिए सरकार बिल वापस ले लें और एमएसपी पर क़ानून बनाएं नहीं तो किसानों का दिल्ली की घेराबंदी का पक्का इरादा है।
किसान महापंचायत में प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा रतन मान सुभाष गुर्जर, मेवाराम चौधरी किसान चिंतक कमल मित्तल, चांदवीर फोजी , संदीप बालियान गौरव गंठाआदि उपस्थित रहे।