मेरठ में टोल प्लाजा की आठ लाइनों पर किसानों का कब्जा

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मेरठ: पिछले काफी समय से गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ से हजारों किसान रवाना हो चुके हैं। भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार ने बताया कि सहारनपुर जिले से करीब 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली रवाना हुईं। इसके साथ ही किसान अपने निजी वाहनों से भी गाजीपुर के लिए कूच कर रहे हैं।

सहारनपुर से शुरू होकर किसान यात्रा मुजफ्फरनगर से होते हुए मेरठ के शिवाय टोल प्लाजा पर पहुंची। यहां तकरीबन 150 ट्रैक्टरों के साथ भारी संख्या में किसान टोल प्लाजा पर मौजूद हैं। किसानों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार मांगे नहीं मान लेती वे पीछे नहीं हटेंगे।

भारतीय किसान यूनियन की किसान यात्रा के पहुंचने से पहले ही पदाधिकारियों ने टोल प्लाजा को फ्री करा दिया। किसानों का आरोप था कि यहां पर प्रशासन ने किसानों के लिए यहां पानी की कोई व्यवस्था नहीं की है, जिस कारण किसान परेशान है।

धीरे-धीरे किसान शिवाय टोल प्लाजा पर आकर रुक रहे हैं। भगवती कॉलेज में किसानों के रुकने और खाने की व्यवस्था की गई है। साथ ही टोल प्लाजा को किसानों ने फ्री कर रखा है और आठ लाइन पर किसानों का कब्जा है।

एसडीएम सरधना अमित भारतीय भी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने। रात में 10 बजे तक करीब सौ के आसपास ट्रैक्टर और 20 गाड़ियों से किसान पहुंचे हैं। उधर, भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने टोल प्लाजा पर शाम के समय पहुंचकर कार्यकर्ताओं के साथ खाना खाया और वहां की व्यवस्था को देखा। उन्होंने कहा  कि किसान एकजुट होकर रहें और डटे रहें, जब केंद्र सरकार पीछे नहीं हट रही तो किसान भी पीछे नहीं हटने वाले हैं।

किसान यात्रा में शामिल सिसौली गांव निवासी उदयवीर का शिवाया टोल प्लाजा पर पहुंचने के दौरान मोबाइल चोरी हो गया। किसान ने मोबाइल की काफी तलाश की लेकिन नहीं मिला, जिसके बाद उसने दौराला पुलिस को सूचना दी। इसके अलावा रात में 11बजे एक किसान ने ट्रैक्टर से स्टंट दिखाया। वह 15 से 20 मिनट तक स्टंट करता रहा। कई बार  ट्रैक्टर पलटने से भी बचा, जिससे अन्य किसान घबरा गए। उन्होंने किसान को स्टंट करने का विरोध किया और रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना।

काफी देर तक बहस होने के बाद अन्य किसान भी वहां आ गए। उन्होंने स्टंट दिखा रहे किसान को रोक दिया। स्टंट के दौरान नीचे सो रहे हैं किसानों को भी उठकर दौड़ना पड़ा, जिससे किसानों में हड़कंप मच गया। काफी समझाने के बाद स्टंट दिखा रहा किसान माना और उसने अपने ट्रैक्टर को खड़ा कर दिया।

शिवाया टोल प्लाजा पर आठ लाइन पर किसानों का कब्जा रहा। दो आने और जाने की लाइन किसानों ने हंगामे के दौरान फ्री करा दीं, जो  देर रात तक फ्री रही। इसलिए इस किसान टोल प्लाजा के पास ही नीचे गद्दे लगा कर सो गए, जबकि मुजफ्फरनगर की ओर से आने वाले अन्य किसान ट्रैक्टर और गाड़ियों से पहुंचते रहे। सुबह 9 बजे भारी संख्या में किसान कृषि कानून के खिलाफ गाजीपुर के लिए कूच करेंगे।

मोदीपुरम रात में दौराले की ओर से आने वाली दो लाइन को भी कुछ किसानों ने ड्रम डालकर बंद करा दिया। करीब 10 मिनट तक लाइन बंद रही, इस बीच एक एंबुलेंस फस गई, इसे निकालने के लिए अन्य किसान पहुंचे। किसानों ने बंद कर रहे लाइन को खुलवाया और किसानों को हड़काकर वहां से हटा दिया,कहा कि तुम जैसे किसान ही धरने को और आंदोलन को बर्बाद करना चाहते हैं। शांतिपूर्ण ढंग से यहां किसानों को रुकने दे कोई भी किसान अव्यवस्था न फैलाएं।

टोल प्लाजा के सुरक्षा अधिकारी मनिंदर विहान ने बताया कि बराला की ओर से आने वाले वाहनों को रोक दिया गया है। रास्ता बंद किया गया, जिससे कोई हादसा न हो सके। देर रात तक टोल प्लाजा पर करीब 130 से 135 ट्रैक्टर पहुंच चुके हैं। टोल कर्मचारी प्लाजा पर व्यवस्था बनाने में लगे हुए हैं।

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