हुसैनगंज के बरफखाना में  भी 2078 वर्गफीट जमीन माफिया पत्नी आएशा अंसारी के नाम |

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उत्तर प्रदेश, लखनऊ जुर्म की दुनिया आबाद करने वाले मुजरिम मुख्तार अंसारी ने जिस तरह से पैसा, धन ,दौलत, इकट्ठा की है और ज़मीन जायदाद बनाई हैं वो सब अब इन्के गले की हड्डी बनी है ।माफिया मुख्तार अंसारी की संपत्ति पर पुलिस की पैनी निगाह बनी हुई है ।
फिलहाल आजमगढ़ पुलिस को माफिया की पत्नी आयशा अंसारी की एक और संपत्ति का पता चला है। यह संपत्ति हुसैनगंज क्षेत्र में हैं। मुख्तार की बेनामी संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया के तहत ही ऐसा किया जा रहा है। मुख्तार के खिलाफ आजमगढ़ के तरवां थाने में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण 1986 की धारा में मुकदमा दर्ज है और उसी मुकदमे ही संपत्ति का पता किया जा रहा है।

जांच के दौरान ही पुलिस को मुख्तार की कई बेनामी संपत्तियों का भी पता चला था। आजमगढ़ पुलिस की जांच में पता चला है क‍ि यह संपत्ति हुसैनगंज के बरफखाना में है, जो 2078 वर्गफीट में है। हुसैनगंज जैसे क्षेत्र में होने के कारण उसकी कीमत भी कई करोड़ बताई जा रही है। अब आजमगढ़ पुलिस से मिली इस जानकारी को जुटाने के लिए नगर निगम, एलडीए और सदर एसडीएम से अभिलेख मांगे गए हैं। आजमगढ़ पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संपत्ति का बैनामा मुख्तार अंसारी ने अपनी पत्नी के नाम कराया था।
हुसैनगंज शहर का पुराना मोहल्ला है, लिहाजा अभिलेख तलाशने में अधिकारियों के पसीने आ रहे हैं। एसडीएम सदर से दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि हुसैनगंज 86 पुराने मोहल्लों में शामिल हैं और इन मोहल्लों की जमीन के अभिलेख उनके पास नहीं है। जमीन नजूल में दर्ज है तो उसके अभिलेख लखनऊ विकास प्राधिकरण के पास ही होंगे।

पहले भी 19 संपत्तियों का ब्योरा मांगा गया : मुख्तार अंसारी की शहर में उन्नीस संपत्तियों का पता चलने पर नगर निगम से उसकी जानकारी मांगी गई थी। इसमें जापलिंग रोड पर कई संपत्तियों का पता चला था। नगर निगम में भी इन संपत्तियों को दर्ज कराया गया था। इसमें एलडीए न अवैध तरह से बनी बिल्डिंग को तोड़ा गया था, जो सिंचाई विभाग की जमीन पर पाई गई थी।

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