Home उत्तर प्रदेश दुल्हन जैसी सज रही तैयारी में अयोध्या, तोरणद्वार रामायण की थीम पर

दुल्हन जैसी सज रही तैयारी में अयोध्या, तोरणद्वार रामायण की थीम पर

लखनऊ। भगवान राम की नगरी अयोध्या में चतुर्थ दीपोत्सव को योगी आदित्यनाथ सरकार बेहद यादगार बना रही है। करीब पांच सौ वर्ष बाद अयोध्या में रामजन्मभूमि स्थल पर दीपावली की पूर्व संध्या पर दिवाली से भी बड़ा उत्सव होगा।

अयोध्या में इस बार सरयू नदी के 24 घाट पर छह लाख दीपक जलेंगे। इस दौरान रामनगरी को फूलों से सजाया जाएगा। हर घाट, मंदिर, मठ, गली, मोहल्ले, खंभे और पुलों की भी लाइटिंग होगी। सुरक्षा का भी बेहद कड़ा इंतजाम होगा और ड्रोन से पूरे कार्यक्रम की मैपिंग होगी। रामनगरी अयोध्या में जश्न का माहौल है। साल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद करीब पांच सौ वर्ष बाद रामजन्म भूमि पर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका भूमि पूजन भी कर दिया है। अब तो वहां प्रभु श्रीराम के भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण भी शुरू हो गया।

कोरोना वायरस के संक्रमण काल के बाद भी योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयास से इस बार लोग राम की जन्मभूमि पर वर्चुअल रूप से ही सही खुशियों के दीप जला सकेंगे। इस दोहरी खुशी के मौके को खास करने के लिए दीपोत्सव और दीपावली (11 से 14 नवम्बर) के लिए अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। रामनगरी की सीमा में तोरणद्वारों का क्रम जारी हो जा रहा है। यहां पर अब सड़कों के किनारों पर बैरिकेडिंग हो रही है। अधिकांश तोरणद्वारों की सजावट रामायण के प्रसंगों के अनुसार की जा रही है। इनमें से कुछ तो अलग-अलग तरह के फूलों से सजाए जाएंगे।

दीपोत्सव के दौरान अयोध्या रौशनी से नहा उठे इसके लिए हर खंभे, हर पुल, गली, मोहल्ले, चौराहों ,घाटों और मन्दिरों की भव्य लाइटिंग की जा रही है। दीपोत्सव के दिन 13 नवंबर को लक्ष्मण, सीता सहित प्रभु श्रीराम का आगमन, भरत से मिलने की जगह, राजतिलक और राम की पैड़ी आदि स्थान पर कार्यक्रम होने हैं। उनकी सजावट को नायाब बनाने की तैयारी है। इस बात का हरसंभव प्रयास होगा कि दीपोत्सव के दिन दोपहर तीन से रात के आठ बजे तक चलने वाले सभी कार्यक्रमों में एकरूपता दिखे। इस क्रम में मुख्य कार्यक्रम स्थलों के बैकग्राउंड एक रंग में होंगे। यहां पर तिलकोत्सव, राजतिलक,सरयू आरती के दौरान वेदपाठी ब्राह्मण अवसर के अनुसार जब मंत्रपाठ करेंगे तो पूरे अयोध्या में सिर्फ वही धुन सुनाई देगी। मंदिरों, मठों और अन्य धर्मस्थल के प्रबंधकों से प्रशासन इसमें सहयोग की अपील करेगा। पूरे कार्यक्रम का बड़ी-बड़ी स्क्रीन, स्क्रीन लगे वाहनों से सजीव प्रसारण होगा। तकनीक के जरिए देश-दुनिया के रामभक्त इस खुशी में शामिल हो सकेंगे।

प्रज्ज्वलित होंगे गाय के गोबर व मिट्टी के दीप

अयोध्या में दीपोत्सव पर इस बार प्राथमिकता गाय के गोबर और माटी से बनने वाले दीयों के प्रज्ज्वलन की होगी। माटी कला बोर्ड दीपोत्सव के लिए 1.5 दीपक नि:शुल्क मुहैया कराएगा। यहां हर आयोजन के दौरान कौराना के प्रोटोकाल मास्क और दो गज दूरी का पालन अनिवार्य होगा।

दीप प्रज्ज्वलन में लगेंगे आठ हजार स्वयंसेवक

योगी आदित्यनाथ सरकार का अयोध्या में यह चौथा दीपोत्सव है। बाकी आयोजनों की तरह इसमें भी 5.51 लाख दीपक प्रज्ज्वलित कर एक नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। इन दीपकों को जलाने में करीब आठ हजार स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, स्काउट और स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों) की मदद ली जाएगी।महानगर के अलग-अलग वार्डों में दीपक जलाने और साज-सज्जा भी कराई जाएगी।