केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान के कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2019 में ही ऑस्ट्रेलिया से डेयरी प्रोडक्ट के आयात वाले समझौते से अलग होने की घोषणा कर दी थी-

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राजसत्ता पोस्ट न्यूज़ पोर्टल (अनुज त्यागी 81716 60000)

केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान के कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2019 में ही ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से डेयरी प्रोडक्ट के आयात वाले समझौते से अलग होने की घोषणा कर दी थी- अशोक बालियान, चेयरमैन, पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन

अभी हाल में ही खबर आई है कुछ किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र सरकार ऑस्ट्रेलिया के साथ दूध खरीदने को लेकर अगले माह समझौता करने जा रही है। इस समझौते के बाद विदेशों से दूध आयात होने से देश के पशु पालकों के सामने अस्तित्व का संकट पैदा हो जाएगा।
इन खबरों के बाद पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने केन्द्रीय पशुपालन राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान से इस विषय पर वार्ता की। डॉ संजीव बालियान ने इस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 में क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) समझौते से अलग होने की घोषणा कर दी थी। क्योकि टेरिफ नियम भारत के अनुकूल नहीं थे।
वर्ष 2020 में क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी (आरसीईपी) समझौते पर चीन समेत 15 देशों ने हस्ताक्षर किये थे। इस समझौते के तहत सभी सदस्य देशों के लिए टैरिफ कटौती पर एक जैसे ही मूल नियम होंगे। भारत इस मुक्त व्यापार समझौते में शामिल नहीं हुआ था।
उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय द्वारा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अंतरिम मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत चल रही है। इस समझौते में उत्पादों, सेवाओं, निवेश, मूल देश के नियम, सीमा शुल्क सुविधा, कानूनी और संस्थागत मामलों पर स्पष्ट रणनीति बनाई जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया के साथ अंतरिम समझौते में कपड़ा, फार्मा, जूते, चमड़े के उत्पाद और कृषि उत्पाद के बड़े क्षेत्र शामिल होंगे। समझौता पूरा होने के बाद अगले पांच साल में उत्पादों का द्विपक्षीय कारोबार 100 अरब डॉलर और सेवाओं का 15 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान है। भारत सरकार के पास पशुपालन एवं डेयरी विभाग में डेयरी उत्पादों के आयात शुल्क पर किसी प्रकार की रियायत का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
नीति आयोग ने किए गए एक अध्ययन में अंतरिम मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) भागीदारों देशों का प्रतिकूल लाभ भी देखा है। इस कारण विश्व स्तर पर लागू क्षेत्रीय व्यापार समझौतों की कुल संख्या 224 से बढ़कर 350 हो गई है।
इस वार्ता के अंत में पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान से डॉ बालियान ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया आदि देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) समझौते पर सावधानी से ही आगे बढेगा। डेयरी फार्मिंग कृषि क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण अंग है। भारत डेयरी उत्पादों के टैरिफ प्रोफाइल पर उच्च आयात टैरिफ लगा कर अपने पशु पालकों को सुरक्षा प्रदान करता है।

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