दशहरे के हर्ष और उल्लास में न भूले ये काम, वर्ना “माता लक्ष्मी” हो सकती हैं अप्रसन्न ?

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दशहरे (Dussehra 2021 ) के दिन ही भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था, साथ ही मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था. इस कारण दशहरे को बुराई पर अच्छाई की जीत का दिन माना जाता है. यदि आप किसी समस्या से परेशान हैं, तो दशहरे के दिन कुछ अचूक उपाय करके इन परेशानियों से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं.शुक्रवार का दिन जगत जननी माता लक्ष्मी को समर्पित होता है. माता लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है. मान्यता है कि जिस पर माता लक्ष्मी की कृपा हो जाए, उसके घर में धन और वैभव की कोई कमी नहीं रहती.दुर्भाग्य भी सौभाग्य में बदल जाता है और खुशियां घर में निवास करती हैं. आज का शुक्रवार और भी खास है क्योंकि आज 15 अक्टूबर को दशहरे का दिन है.
मां लक्ष्मी को लाल रंग और श्रंगार बहुत पसंद है. इसलिए दशहरे के दिन आप माता महालक्ष्मी के मंदिर जाकर उन्हें लाल वस्त्र अर्पित करें. इसके साथ ही लाल बिंदी, सिंदूर, लाल चुनरी और लाल चूडियां, आलता और मेहंदी आदि अर्पित करें और भगवान विष्णु को पीला वस्त्र अर्पित करें. इसके बाद लक्ष्मी नारायण का पाठ करें और खीर का भोग लगाएं. इसके बाद मातारानी से दुख दूर करने की प्रार्थना करें. इससे धन संबंधी सारी परेशानियां दूर होती हैं.

यदि आप लंबे समय से परिश्रम कर रहे हैं, लेकिन आपको मन मुताबिक फल नहीं मिल पा रहा है तो दशहरे के दिन एक लाल सूती का कपड़ा लेकर उसमें रेशेयुक्त नारियल को लपेट लें. माता लक्ष्मी और नारायण का स्मरण करते हुए इस नारियल से अपनी मनोकामना को सात बार कहें और जल में प्रवाहित कर दें. इससे आपका दुर्भाग्य भी सौभाग्य में बदल जाएगा और आपके काम बनने लगेंगे.

दशहरे के दिन दोपहर को घर के ईशान कोण में चंदन, कुमकुम और पुष्प से अष्टदल कमल की आकृति बनाएं और देवी जया व विजया का स्मरण कर उनका पूजन करें. इसके बाद शमी वृक्ष की पूजा करें और वृक्ष के पास से थोड़ी मिट्टी लेकर अपने घर में रखें. माना जाता है कि इससे घर की गरीबी दूर होती है और रुके काम बनने लगते हैं

दशहरे के दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें. हनुमान जी नारायण और माता लक्ष्मी के भक्त हैं. इसलिए उनकी पूजा से नारायण और मां लक्ष्मी की भी कृपा मिलती है. इसके बाद एक पानी वाला नारियल लेकर बीमार व्यक्ति के ऊपर से 21 बार वारकर किसी रावण दहन की आग में डाल दें. इससे उसकी सेहत में काफी सुधार आता है. यदि परिवार के सभी सदस्यों के ऊपर से नारियल वारकर अग्नि में डाला जाए, तो सभी की सेहत अच्छी रहती है.

यदि आपके ऊपर शनि, राहू या केतु से संबन्धित दशा है, या आपको किसी के द्वारा हानि पहुंंचाने का डर सता रहा है तो दशहरे के दिन जटावाले नारियल को काले कपड़े में लपेटें और 100 ग्राम काले तिल, 100 ग्राम उड़द की दाल और एक कील के साथ इस नारियल को बहते जल में प्रवाहित कर दें. इससे आपकी समस्या का शीघ्र ही निदान हो जाएगा.

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