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वर्ष 2014 में तोमर थे समाजसेवी और अब हो गए किसान : दिग्विजय सिंह

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किसानों को लिखे गए आठ पेज के पत्र में खुद को किसान परिवार से बताए जाने पर सवाल उठाए हैं। दिग्विजय सिंह का कहना है कि वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के समय चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र में केंद्रीय मंत्री तोमर ने खुद को समाजसेवी बताया था, मगर अब किसान बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को लिखे गए पत्र में कहा है, आपका किसानों को लिखा गया आठ पेज का पत्र पढ़ा, कृषि मंत्री होने के नाते आपके द्वारा पत्र में व्यक्त संभावनाओं को समझने का प्रयास भी किया। इस पत्र को पढ़कर लगा कि इसका मजमून आपके द्वारा तैयार नहीं किया गया है, शायद किसी और की मंशा को आपके हस्ताक्षर से भेजने के लिए मजबूर किया गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा है, इस पत्र में आपने खुद को किसान परिवार का बताया है, जबकि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में शपथ पत्र में चुनाव आयोग को संपत्ति का जो ब्यौरा दिया गया था उसमें आप की ओर से किसी भी तरह की कृषि भूमि न होने का उल्लेख था। चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र के व्यवसाय के कॉलम में किसान नहीं बल्कि समाज सेवी होने का हवाला आपके द्वारा दिया गया था।

तोमर द्वारा किसानों को लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए दिग्विजय सिंह ने लिखा है कि अन्नदाता को कृषि सुधारों से संबंधित आश्वासन आठ पेज के पत्र के अंत में दिया गया है, वास्तव में यदि संसद में चर्चा करके कृषि संबंधी तीनों कानूनों को संसद की प्रवर समिति को सौंप दिया होता तो इस आंदोलन की नौबत नहीं आती।