6 जुलाई से परिसीमन आयोग का तीन दिवसीय दौरा 
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श्रीनगर: प्रधानमंत्री की सर्वदलीय बैठक के बाद परिसीमन आयोग छह जुलाई से नौ जुलाई तक जम्मू-कश्मीर का दौरा करेगा। निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने इस बात की जानकारी दी। यह भी बताया गया कि परिसीमन आयोग छह जुलाई से नौ जुलाई तक यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के साथ वार्ता करेगा।


इसके अलावा परिसीमन आयोग वहां के प्रशासनिक अफसरों और आईजी स्तर के अधिकारियों से भी मुलाकात करेगा। आयोग जल्द से जल्द सीटों का परिसीमन करने की कवायद में जुटा है। सीटों के परिसीमन के बाद राज्य में विधानसभा चुनाव का एलान होगा। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि राज्य में जल्द से जल्द चुनाव हों।


चुनावी पैनल की बैठक के बाद यह फैसला किया गया, जिसकी अध्यक्षता परिसीमन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) सुशील चंद्र ने की। निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने यहां जारी एक बयान में कहा, ‘‘आयोग को उम्मीद है कि सभी पक्ष इस कार्य में सहयोग करेंगे और उपयोगी सुझाव देंगे, ताकि परिसीमन का काम समय पर पूरा हो सके।’’

जम्मू-कश्मीर के संसदीय एवं विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्निधारण की जिम्मेदारी परिसीमन आयोग को सौंपी गई है। परिसीमन आयोग के मुताबिक, राजनीतिक दलों के साथ होने वाली बैठक में कुल 114 विधानसभा क्षेत्रों का खाका तैयार होगा। चर्चा इस पर होगी कि किन-किन क्षेत्रों को तराश कर नए क्षेत्र गढ़े गए हैं और किन आधारों पर सुरक्षित क्षेत्र तय किए गए हैं। अब विधानसभा चुनाव में 114 सीटें होंगी। 

इसमें से 90 पर चुनाव हो सकेंगे और 24 पाक अधिकृत कश्मीर की सीटें खाली रहेंगी। इसके अलावा परिसीमन आयोग दूसरे राज्यों की तरह अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए सुरक्षित सीटें भी सुनिश्चित करेगा। जम्मू कश्मीर विधानसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि सीटें सुरक्षित होंगी। 

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