Home कविता/शायरी मर्यादा लांघती महिलाएं……..

मर्यादा लांघती महिलाएं……..

किसी व्यक्ति विशेष के बारे मे नही है ये बल्कि क्या अपनाया जा रहा है कल्चर, उसके बारे में है बराबरी और एक दूसरे से होड़ मे, क्या कर रहे है? उसका ज़रा भी भान नही है…..

एक तो ये वीडियों अचानक ही पोस्टों के बीच मे दिख ही जाते है,
बेमतलब, अपने आप आकर्षित होकर पुरुषों का वीडियों प्ले कर लेना आम बात है, मैंने भी इतनी सुन्दर लड़की देखकर वीडियों प्ले कर लिया l
कमेंट देखे तो इनकी संख्या लाखों मे थी, लेकिन कमेंट पढ़कर पता चला कि आख़िर ये महिलाएं इतना पॉपुलर क्यू है? ये महिलाएं अपने माँ बाप का नाम तो ख़राब कर ही रही है साथ ही देश का नाम भी ख़राब होता है इनकी हरकतें देख कर नाबालिग लड़कियां भी इसी प्रकार की हरक़ते करने लगती है, अच्छा संदेश न सही कम से कम इस तरह के संदेश तो ना ही दिये जाये l
ख़ैर,… भगवान ने खूबसूरती दी है तो उसे कपड़े उतार कर दिखाना जरूरी नहीं है वो भी महज़ कुछ लाइक्स के लिए
ये लगातार ख़ुद से खिलवाड़ कर रही है, इनकी सस्ती लोकप्रियता के चलते उसका क्या दुष्परिणाम है उसका
वर्णन करना आसान नहीं है..
फ़िर भी एक अलग कोशिश…

कि ये अभद्र चलचित्र देखकर तीनों लोकों में बड़ी निराशा हुई समस्त नर नारी, सुर, असुर, देवता, मुनि, गंधर्व, चिंतित हो गए, पूरे ब्रम्हांड मे आक्रोश हो गया, धरा पर हो रहे ईन बेहूदगी भरे नृत्यों की और उन नारियों की हरकतों की कड़ी निंदा हुई…
आप जैसी कुछ पापी आत्माए जो जीवन का इतना अमूल्य समय जो इतनी सुगमता से अनावश्यक कार्यो मे बर्बाद कर रहे है आपके इस घिनौने मज़ाक़ से इस संसार के समस्त प्राणियों द्वारा आपको नकारात्मक टिप्पणी मिलेंगी, आप जैसे अज्ञानियों की ओछी हरकतों की वज़ह से यह संसार हमेशा नीचे गिरता रहेगा और साथ ही समस्त नारी जाती इससे कोपभाजित होगी…
इसलिए हे बालिके! भविष्य मे ऐसे सृष्टि के कल्याण हेतु ऐसे चलचित्र बनाए जिससे संसार को सकारात्मक संदेश मिले और नई पीढ़ी को दिव्य ज्ञान मिले जिससे तीनों लोक आपके रिणी रहेंगे……!

यकीन मानिये मेरे हिसाब से तो आदिमानव ने भी लगभग 35 लाख साल पहले खुद को ढकना शुरू कर दिया था, तब शायद कुछ महिलाए छूट गई होंगी, पता नहीं कौन से काल की ओर बढ़ रही है ये…!
आजकल ख़ूबसूरती की परिभाषा बदल गई है कि चेहरा चाहे जैसा हो, टैलेंट भी ना हो बस कपड़े उतार दो, और “विशेष” नृत्य करो अर्थात खुद के शरीर को हिलाओ, बस आपसे बड़ा खूबसूरत और गुणी, महान नर्तक कोई नही बाकी कुछ लोग लार टपकाते हुए प्रसंशा मे दो चार छिछोरी कविताए लिख ही देंगे, और उससे आपको परम सुख की अनुभूति भी हो जाएगी, और यही तो चल रहा है पिछले काफी सालो से, टैलेंट की ज़रूरत ही नहीं रह गई है महिलाओं मे….
अपने स्वार्थ के हिसाब से सब उनके गुण बना ही लेते है और वे आगे बढ़ भी जाती है, पर एक महिला होने के नाते मैं इसे घातक और शर्मिंदगी से भरपूर समझती हू, हमारी सरकारों से निवेदन है कि ऐसे वीडियोंस पर रोक लगाई जाए, किसी भी साईट और अप्प पर ये अपलोड ना हो….
वो क्या है न, कि. …
माँ बाप के कपड़े फट गए बेटी को पहनाने मे….
बेटी ने उतार दिए अपने फाॅलोअर्स बढ़ाने मे…..
जय हिंद, जय भारत……
@sapnagupta🙏__