Home कोविड 19 बस अब ना लौटे कोरोना………!!

बस अब ना लौटे कोरोना………!!

एक वर्ष पूर्व की यादों से सिहर उठे नागरिक

            गुजरे वक्त को याद कर कांप उठी रूह     

                    (काज़ी अमजद अली)

मुज़फ्फरनगर :— मानवीय त्रासदी की घटनाएं इतिहास बन जाती हैं। सैकडों हजारों वर्षों पूर्व घटी त्रासदी की घटनाओं का उल्लेख इतिहास में दर्ज है। इतिहास फिर इतिहास होता है। सच्चाई से रूबरू होना दूसरी बात है। किसने कल्पना की होगी कि पूरी दुनिया कोरोना की कयामत से सहम जाएगी। साधारण से खास तक घरों में कैद होने को मजबूर हो जाएंगे। कभी न बंद होने वाले धार्मिक स्थलों पर ताले लटक जाएंगें। घरों से बाहर निकलनेवालों पर मुकदमे दर्ज किये गये। गत वर्ष पूर्व के भयानक मंजर को याद कर नागरिकों ने कानों पर हाथ रख लिये।

22 मार्च 2020 का वह दिन जब सरकार द्वारा जनता कर्फ्यू लगाया गया था। उसके बाद शुरू हुआ था लॉकडाउन और कोरोना की भारी दहशत। सुनसान सडकें, सदा गुलजार रहने वाले वीरान पडे बाजार, चारों ओर पसरा सन्नाटा, पुलिस के बजते हूटर। अर्थियों को कंधा न दे सकने, मय्यत को मिट्टी न दे सकने का अफसोस। वक्त दर वक्त बढती कोरोना की रफ्तार, ऊपर से बढती आर्थिक परेशानी ने मानसिक तनाव उत्पन्न कर दिया था। जिस कारण दिमागी तनाव से अनेक लोगों की मौत हो गयी थी। बहुतों को बहुत कुछ खोना पड गया। कुछ ने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया तो किसी को बेरोजगार हो जाने का सदमा है। शादियों की रौनक सेहरे की लडियों तक सिमट कर रह गयी। लॉकडाउन के कुछ माह के बाद क्षेत्र में कोरोना ने मोरना ब्लॉक में दस्तक दी। सबसे पहला मामला मोरना में पाया गया। इसके उपरान्त एक दर्जन लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई। छः माह तक चले मुश्किल भरे समय में देश दुनिया सभी को संकट में डाल दिया। आज जहां कोरोना से राहत मिलने के आसार हैं व वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। किन्तु लोगों द्वारा वैक्सीनेशन में उत्साह न दिखाने के कारण दूसरे प्रदेशों से आ रहे विपरीत समाचारों के कारण एक बार फिर कोरोना की दस्तक का भय उत्पन्न होने लगा है। समय रहते लोगों को फिर से सावधान व सचेत रहना है।