14 अक्टूबर के बाद कुकिंग ऑयल की कीमतों में आ सकती है गिरावट, सरकार ने उठाया यह खास कदम

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नई दिल्‍ली,;14 अक्टूबर के बाद कुकिंग ऑयल की कीमतों में  गिरावट आ सकती है, सरकार ने यह खास कदम  उठाया है       सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता ने कहा कि घरेलू बाजार और त्योहारी मौसम में खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण सरकार ने खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटा दिया है। बता दें कि केंद्र ने खाना पकाने के तेल पर आयात कर कम किया है, खाना पकाने के तेल की कीमत को नियंत्रित किया है और राष्ट्रीय आपूर्ति में वृद्धि की है। वेब पोर्टल पर थोक विक्रेताओं, कारखाने के मालिकों और रिफाइनरियों को इन्वेंट्री विवरण उपलब्ध कराने के उपाय भी किए गए हैं। सरकार ने बुधवार को पाम ,सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल ( की कच्ची किस्मों पर मार्च, 2022 तक के लिए कृषि उपकर में कटौती की है। इसके अलावा इन पर कृषि उपकर में भी कटौती की गई है। यह एक ऐसा कदम है जो त्योहारी मौसम में खाद्य तेलों की कीमतों (Cooking Oil Prices) को कम करने और घरेलू उपलब्धता को बढ़ाने में मदद करेगा।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक अधिसूचना में कहा कि शुल्क में कटौती 14 अक्टूबर से प्रभावी होगी और 31 मार्च, 2022 तक लागू रहेगी। कच्चे पाम तेल पर अब 7.5 प्रतिशत का कृषि अवसंरचना विकास उपकर (एआईडीसी) लगेगा, जबकि कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल के लिए यह दर पांच प्रतिशत होगी।

इस कटौती के बाद पाम  ,सोयाबीनऔर सूरजमुखी के तेल (Sunflower Oil) की कच्ची किस्मों पर प्रभावी सीमा शुल्क क्रमशः 8.25 प्रतिशत, 5.5 प्रतिशत और 5.5 प्रतिशत होगा। इसके अलावा सूरजमुखी, सोयाबीन, पामोलिन और पाम तेल की परिष्कृत किस्मों पर मूल सीमा शुल्क मौजूदा 32.5 प्रतिशत से घटाकर 17.5 प्रतिशत कर दिया गया है।

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