कोयला संकट भारत को कर देगा अंधकारमय 8817 मेगावाट बिजली का उत्पादन ठप

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Bijli Sankat: भारत में कोयले का गंभीर संकट चल रहा है। इस वजह से कई पावर प्लांट में बिजली का उत्पादन बंद होने की आशंका है। इसके बाद कोयला खनन कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड निशाने पर आ गई है।
केंद्र सरकार ने कोल इंडिया को कहा कि बिजली बनाने वाले संयंत्र में कोयले की नियमित आपूर्ति की जाए। केंद्रीय एजेंसी सेंट्रल इलेक्ट्रिसी अथॉरिटी के अनुसार भारत के 72 थर्मल पावर प्लांट में 8817 मेगावाट बिजली का उत्पादन ठप पड़ गया है। बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इस कारण से पावर एक्सचेंज में दस हजार मेगावाट बिजली की ट्रेडिंग 20 रुपए प्रति यूनिट चल रही है
कोयला सचिव अनिल जैन ने कंपनी के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल को 27 सितंबर को एक पत्र लिखा था। कहा कि पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक लगातार कम हो रहा है। कई बार कहने के बावजूद अब तक स्थिति में सुधार नहीं आया है। इस मसले पर मंत्री लेवल की कई बैठकें हो चुकी है। पावर प्लांट में कोयले की समस्या दूर करने को लेकर कई सुझाव दिए गए। जिस पर अब तक अमल पर नहीं लाया गया है।
बता दें देश में लगातार बिजली की मांग बढ़ रही है। जून के बाद से बिजली की डिमांड 200 गीगावॉट पार कर गई। वहीं कोल इंडिया लिमिटेड से कोयले का प्रोडक्शन और डिलीवरी लगातार कम हो रहा है। देश के सभी पावर प्लांट में कोयले की कमी सामने आई है। अगस्त में खबरें आई थी कि 57 पावर प्लांट कोयले की कमी का सामना कर रहे हैं। इनमें पांच पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक है। वह बिजली बनाने के लिए कोयले की हर दिन की आपूर्ति पर डिपेंड है। जबकि छह पावर प्लांट में एक दिन का बफर स्टॉक है।

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