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विधानसभा में बोले CM योगी आदित्यनाथ

राजसत्ता पोस्ट

Lko- विधानसभा में बोले CM योगी-

2021-22 बजट परिचर्चा में शामिल नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी सहित सभी 62 माननीय विधायकों के प्रति CM ने जताया आभार..

वित्त मंत्री जब बजट पेश कर रहे थे, उस समय देश के भीतर उत्तर प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हो रही थी-CM

देश-प्रदेश के हर तबके ने प्रदेश सरकार के बजट की सराहना की है। फिक्की जैसे औद्योगिक संगठनों ने भी प्रशंसा की-CM

हम ऐसे समय बजट लेकर आये हैं जब वैश्विक महामारी है-CM

भारत ने बेहतर प्रबंधन किया। अब बचाव के लिए जो कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं, वह भारत की उपलब्धि है-CM

आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अब 60 साल से ऊपर और बीमार लोगों का टीकाकरण हो रहा है। मैंने निरीक्षण किया, सभी लोग धैर्य के साथ अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे-CM

कोविड से हमारा राजस्व प्रभावित हुआ, आम आदमी भी प्रभावित हुनम लेकिन हमने वित्तीय अनुशासन बनाये रखते हुए अपने लोककल्याणकारी कार्यक्रम जारी रखा-CM

‘सच है विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है,
सूरमा नहीं विचलित होते
क्षण एक नहीं धीरज खोते’-CM

बजट के परिप्रेक्ष्य में यह उत्तर प्रदेश पर लागू होती है,हमने लगातार कोशिश जारी रखी-CM

पिछली सरकार चार्वाक के ‘ऋणम लीत्वा घृतं पीवेत’ की भावना वाली थीं। कोई दूरदर्शिता नहीं। इसलिये हर तबका नाराज होता था और फिर इन्हें जवाब भी दिया-CM

पूर्व मुख्य सचिव ने बजट की सराहना की है,वास्तव में तात्कालिक फायदे वाली योजनाएं कभी दीर्घकालिक लाभ नहीं देतीं। हमने इस बात को समझा। स्वास्थ्य क्षेत्र ने भी बजट को सराहा-CM

चेयरमैन सीआईआई ने भी कहा कि यह प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने वाला बजट है। यह लोग राजनीति से दूर रहने वाले लोग हैं, इन लोगों ने बजट के प्रावधानों की सराहना की है-CM

एसोचैम के प्रेसिडेंट ने कहा कि जो बेहतर हो सकता था सरकार ने किया है। यह सर्वोत्तम बजट है। फिक्की की पूर्व अध्यक्ष (महिला चैप्टर) ने महिला बाल विकास की योजनाओं को मील का पत्थर बताया। यह प्रायिकरियॉएँ सकारात्मक भाव बताती है। नतीजा भी सकारात्मक ही होगा-CM

जो वर्षों में न हो पाया, 04 वर्ष में रास्ते पर आया-CM

सर्वसमावेशी बजट,हर तबके के कल्याण को समर्पित है, इसलिए पूरे देश मे सराहना हो रही है-CM

चार साल पहले देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश को बीमारू कहा जाता था। इतनी बड़ी आबादी का बजट 2 लाख करोड़ का बजट होता था, ‘ऊंट के मुंह मे जीरा’। जब बजट ही नहीं, इनकम बढ़ाने पर जोर ही नहीं दिया तो 2015-16 में इओडीबी में 14वें स्थान पर था। सो निवेश आएगा कैसे?आज नम्बर दो पर है-CM

प्रदेश 10.90 लाख करोड़ की जीडीपी थी। चार साल में यूपी देश की दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था बन गया है-CM

21.73 लाख करोड़ की।जीडीपी हो गई है। पांच वर्ष बाद सोचिये कहाँ होंगे हम। देश की पहले नम्बर की अर्थव्यवस्था होगा उत्तर प्रदेश-CM

प्रदेश वही है, सोच नई है। लोग वहीं हैं। बस कार्यप्रणाली बदली है। यह नए भारत का नया यूपी है। अब सब अच्छा होगा-CM

तब पलायन हो रहा था। प्रति व्यक्ति आय 2015-16 में 45000 थी। आज 95000 है। यह है परिवर्तन। क्या कुछ भी नहीं हुआ उत्तर प्रदेश में? केवल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस ही नहीं ईज ऑफ लिविंग भी बेहतर हुआ है-CM

अटल जी के 6 साल के कालखण्ड को छोड़ दें तो कभी ईज ऑफ लिविंग के बारे में नहीं सोचा क्या। प्रदेश में भी नहीं-CM

हमने 04 साल में 40 साल आवास हो जाये,इसी प्रदेश में हुआ। 1 करोड़ 38 लाख को बिजली कनेक्शन हो जाये, इसी प्रदेश में हुआ है-CM

हर गांव की अच्छी कनेक्टिविटी हो जाए, यह प्रदेश में हुआ है,हमने प्रदेश के सम्मान किया, उत्तर प्रदेश संभावनाओं वाला प्रदेश कहते थे तो लोग कहते थे यहां कुछ नहीं हो सकता था-CM

अखिलेश यादव पर CM ने किया हमला-

जब मैं मुख्यमंत्री कार्यालय गया तो देखा शास्त्री भवन की दुर्गति कर रखी थी। पूर्व मुख्यमंत्री कभी-कभार ही कार्यालय आते थे। कुछ लोग बस 10 मिनट के लिए कैबिनेट जाते थे। प्रदेश बको यूरोप बनाने की बातें होती थीं, जबकि रोडमैप था ही नहीं-CM

योजनाएं परिवार के लिए बनती थीं। दायरा नहीं बढ़ा पाए-CM

हर अपराधी के साथ समाजवादी शब्द क्यों जुड़ जाता है। समाजवादी पार्टी की हाथरस में आज जो रैली है, वहां उस अपराधी के द्वारा पोस्टर लगाए गए हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं के साथ लगाए गए हैं-CM

हाथरस की पीड़ित बालिका चिल्ला चिल्ला कर कह रही है सपा से उस अपराधी का क्या रिश्ता है? सच को झुठला ही डकेंगे क्या? यह लोग सच को स्वीकार नहीं सकते-CM

प्रदेश के अंदर हमने चार वर्षों में जो प्रबन्ध किये वह जीवन की सुगमता का माध्यम ही नहीं बना, उनकी आय को बढ़ाने वाला भी सिद्ध हुआ है-CM

हमने हर प्रवासी श्रमिक को प्रदेश के भीतर ही रोजी रोजगार मुहैया कराई है। गांव-को सड़कों से जोड़ा जा रहा है। जल जीवन मिशन के अंदर कितना बड़ा काम हो रहा है-CM

हर घर नल, शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। 1947 से 2017 तक महज 02 फीसदी लोग ही हर घर नल से जुड़े थे आज 10 फीसदी हैं। हमारी योजना एक वर्ष के लिए नहीं है। कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी होगी कि वह 10 साल तक इसका रखरखाव सुनिश्चित करे। यह है विकास का रोडमैप-CM

शुद्ध पेयजल आपके लिए एजेंडा हो सकता है, हमारे लिए मिशन है। इंसेफेलाइटिस पीड़ित बच्चों के प्रति कभी संवेदना जगी-CM

1977 से गोरखपुर-बस्ती सहित 38 जनपद इसकी चपेट में थे। हमने इसके लिए आंदोलन किये, कार्यक्रम किये, संसद में रखा,पर आज अगर इसका समूल नाश हुआ है तो स्वच्छ भारत मिशन के सहयोग से, हमने अंतर्विभागीय समन्वय से काम किया-CM

हर गांव तक बैंक पहुंच रहा है। बीसी सखी के माध्यम से,यह ईज ऑफ़ लिविंग है। केवल व्यवसाय की सुगमता ही नहीं जीवन की सुगमता भी, यही इस बजट का केंद्रीय भाव है-CM