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प्राइवेट संस्थान में काम करने वाले कर्मियों को सीएम योगी का तोहफा, कोराना संक्रमित होने पर मिलेगा 28 दिन का वेतन व अवकाश

लखनऊ। देश के साथ ही उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के दिन पर दिन बढ़ते संक्रमण से लोग सहमे से हैं। इनके बीच उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ी राहत दी है। सरकारी कर्मचारी के अलावा अब कोरोना वायरस से संक्रमित प्रदेश के किसी भी प्राइवेट संस्थान में काम करने वाले कर्मी का वेतन नहीं कटेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सोमवार को इसका आदेश जारी कर दिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सोमवार को आदेश जारी किया गया है कि कोविड संक्रमित होने पर प्राइवेट कर्मचारियों को 28 दिन का वेतन सहित अवकाश मिलेगा। इसके लिए कर्मचारी को चिकित्सा प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा। इस संबंध में सूबे के अपर मुख्य सचिव श्रम ने सभी ज़िलाधिकारियों, मंडलयुक्तों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि सरकार द्वारा बन्द कराये गये प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी मजदूरी सहित अवकाश देना अनिवार्य है। आदेश में यह भी कहा गया है कि दुकानें और कारखाने राज्य सरकार या जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों के चलते अस्थाई रूप से बंद हैं, उनके कर्मचारियों को भी को भी मजदूरी सहित अवकाश दिया जाएगा। इस दौरान लॉकडाउन में भी सरकार के बंद कराए गए सभी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी इस अवधि में मजदूरी सहित अवकाश देना अनिवार्य कर दिया है।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के आदेश के मुताबिक कोविड संक्रमित होने पर सरकारी के साथ अब प्राइवेट कर्मचारियों को 28 दिनों की पेड लीव मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश जार कर दिया है। अगर महीने भर का लॉकडाउन होता है तो कर्मचारी को सैलरी के साथ 28 दिन की छुट्टी भी मिलेगी।

उत्तर प्रदेश यूपी सरकार ने प्राइवेट कर्मचारियों के लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश 20 मार्च 2021 को जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने महामारी अधिनियम 1897 के तहत कोविड को महामारी घोषित किया है।  उत्तर प्रदेश यूपी सरकार ने प्राइवेट कर्मचारियों के लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश 20 मार्च 2021 को जारी किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने महामारी अधिनियम 1897 के तहत कोविड को महामारी घोषित किया है।