Home उत्तर प्रदेश बॉलीवुड सी पहचान यूपी के कलाकारों को प्रदेश में ही मिलेगी

बॉलीवुड सी पहचान यूपी के कलाकारों को प्रदेश में ही मिलेगी

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय फिल्म सिटी बनाने के ऐलान के बाद राज्य के स्थानीय कलाकारों के सपनों को पंख लगते दिख रहे हैं। बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर चमकने का सपना देखने वाले हर कलाकार को राज्य में ही मौका मिलेगा। योगी सरकार के फिल्म सिटी निर्माण की घोषणा से यहां के कलाकारों को अवसर मिलने वाला है। अब इन्हें बालीवुड जैसी पहचान मिलने का रास्ता बन रहा है।

यूपी ने देश को फिल्म, संगीत व कला जगत में कई दिग्गज कलाकार दिए हैं जिन्होंने देश ही नहीं विदेशों तक अपने राज्य की ख्याति पहुंचाई है। पूर्वांचल की धरती पर जन्मे कई बॉलीवुड सितारों ने पूरी दुनिया में अपने काम का डंका बजाया है। हिंदी फिल्मों की बात हो या भोजपुरी फिल्मों की। टीवी सीरियल हो या फिर वेब सीरीज मंनोरंजन से जुड़े हर मंच पर पूर्वांचल के कलाकरों ने अपने शानदार अभिनय से बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी फिल्में अकेले दम हिट कराई हैं। अब यहां के कलाकारों को अपने ही राज्य में बॉलीवुड के बड़े फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों के संग काम करने का मौका मिलेगा।

फिल्म मुक्केबाज से सुर्खियों में आने वाले अभिनेता विनीत सिंह का कहना है फिल्म सिटी यूपी में बनने से यहां के कलाकारों के लिए बड़ा अवसर होगा। बाबा विश्वनाथ की धरती ने शुरू से ही बॉलीवुड को लुभाया है। उन्होंने बताया कि शुरू से ही फिल्मों की शूटिंग को लेकर बड़े अभिनेताओं की पहली पसंद बनारस रहा है। सत्यजित रे, दिलीप कुमार, उर्मिला मातोंडकर, सनी देओल, अमिताभ बच्चन,आयुष्मान खुराना, ऋतिक रोशन, धनुष समेत कई अभिनेताओं की फिल्में यहां शूट हुई हैं। इसके साथ ही गैंग ऑफ वासेपुर, मिजार्पुर समेत कई वेब सीरीज की यहां शूटिंग हुई है।

बनारस ने फिल्म इंडस्ट्री को कई बड़े दिग्गज कलाकारों के संग संगीत जगत के कई महारथियों से नवाजा है जिन्होंने कला जगत में अपनी कला के बूते विदेशों में देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। पद्मविभूषित पं. बिरजू महाराज, पद्मश्री छन्नू लाल मिश्र, गुदई महाराज, गोपीकृष्ण ने फिल्म इंडस्ट्री में अपना परचम लहराया है।

बनारस के अभिनेता तिलक राज मिश्रा का कहना है कि मैं मुंबई गया जहां मैंने ढेर सारा संघर्ष किया। शहर मंहगा था इसलिए मैं लंबे समय तक मायानगरी में नहीं रूक पाया। लेकिन अपने प्रदेश में मैंने अपना नाम बनाया। उन्होंने कहा कि अब लोगों का भ्रम दूर होगा कि मुंबई जाने पर ही हीरो बनेंगे अब वो अपने सपनों को अपने प्रदेश में रहकर ही पूरा कर सकते हैं। यहां फिल्म की शूटिंग करना काफी सस्ता भी है।

गायिका ममता उपाध्याय का कहना है कि फिल्म सिटी बनने से हम लोगों को अपने प्रदेश में ही काम मिलेगा। कोरोना काल में लोगों को मुंबई छोड़ना पड़ा है। आर्थिक कारण की वजह से अपना सपना बीच सफर में अब कलाकारों को नहीं छोड़ना पड़ेगा।

अभिनेता और लाइन प्रोडूसर रतिशंकर त्रिपाठी ने बताया कि शूटिंग के नजरिए से यूपी जैसी लोकेशन और कहीं नहीं हैं। पूर्वांचल शुरू से बॉलीवुड की पहली पसंद है। काशी के गंगा के घाट, मंदिर और गलियों में शूटिंग करने का अपना अलग अनुभव है। सोनभद्र, मिजार्पुर, चंदौली, प्रयगराज भी अच्छी लोकेशन हैं। उन्होंने बताया कि हैदराबाद में रामोजी राव फिल्म सिटी में करीब 75 प्रतिशत भोजपुरी फिल्में बनती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से यहां पर फिल्म सिटी बनने से आईटी सेक्टर, पर्यटन, होटल इंडस्ट्री का विस्तार होने से पूर्वांचल के लोगों को रोजगार मिलेंगें।

अपर मुख्य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने कहा कि मुख्यमंत्री फिल्म सिटी को लेकर काफी गंभीर हैं। फिल्मकारों को फिल्मबंधु के माध्यम से सब्सिडी भी दी जा रही है। यहां लोकेशन और वातावरण के कारण कई दर्जन फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग हो रही है। जॉन अब्राहम की लखनऊ में सत्यमेव जयते पार्ट-2 की शूटिंग जारी है। फिल्म सिटी बनने से स्थानीय कलाकरों के ढेरों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।