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अयोध्या ने बहुत अपमान सहा, पर अब और नहीं: योगी आदित्यनाथ

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अयोध्या ने बहुत अपमान सहा, पर अब और नहीं: योगी आदित्यनाथ

वैदिक सिटी के रूप में अयोध्या को दिलाएंगे गौरव

दीपोत्सव:2020 में योगी ने कहा, मोदी सरकार की नीतियों में है रामराज्य की संकल्पना

गर्व करें कि हमारे सामने बन रहा श्री राम जन्मभूमि मन्दिर

अगले साल 7.51 लाख दीपकों से रोशन होगी अयोध्या

लखनऊ,13 नवम्बर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि श्री राम की अयोध्या के साथ सदियों तक बहुत अन्याय हुआ है। जो अयोध्या जन्म और जीवन दोनों तारती है वह, कुछ लोगों की कुत्सित सोच के कारण वर्षों तक अपमानित होती रही है। पर अब ऐसा नहीं होगा। अयोध्या को उसका गौरव मिलेगा। हम इसे वैदिक सिटी के रूप में विश्व मानचित्र पर गौरव दिलाएंगे।

मुख्यमंत्री, शुक्रवार को अयोध्या में आयोजित ‘दिव्य दीपोत्सव’ में श्री राम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक करने के बाद प्रदेश को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिस अयोध्या में दीपोत्सव मनाया जा रहा है, तीन वर्ष पहले तक कुछ लोगों को अयोध्या का नाम लेने से डर लगता था। अब अब सब बदल गया है, लोग अयोध्या आना चाहते हैं। इस बार हमने 5.51 लाख दीप अयोध्या में जलाए हैं, अब अगले साल 7.51 लाख दीपकों से अयोध्या रोशन होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर पुण्य स्थली को प्रतिष्ठापित करेंगे। श्रद्धालु हो या पर्यटक सभी की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कुछ वर्ष पूर्व तक सरकारें पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी जैसी यात्राओं पर रोक लगाती थीं, आज यहां सुविधाओं की बढ़ोतरी की जा रही है। यह हमारी अस्मिता से जुड़ा विषय है।

पीढ़ियों की प्रतीक्षा को मोदी जी ने की किया सफल:
योगी ने कहा कि प्रभु श्रीराम के वनवास से वापस आने की यह घड़ी बड़ी पावन है। दिवाली, हर भारतवासी का त्योहार है। यह हमारे गौरव और आत्मिक शांति का प्रतीक पर्व है। जिस श्री राम जन्मभूमि मन्दिर की अभिलाषा लिए पीढ़ियों तक संघर्ष हुआ। लाखों लोगों ने अपना जीवन बलिदान कर दिया, आज पांच सदी की इस प्रतीक्षा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्णाहुति हुई है। योगी ने कहा कि हमें इस बार पर गर्व करना चाहिए कि हम ऐसे कालखंड में हैं जब श्रीराम के भव्य-दिव्य मंदिर का सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कोरोना काल में श्री राम जन्मभूमि के मंदिर की आधारशिला रखकर राम राज्य की संकल्पना को मूर्त रूप देने का संकल्प लिया है। यह संकल्प साकार होगा।

राम राज्य है हमारी नीतियों का आधार:
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या दीपोत्सव, राम राज्य की संकल्पना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास है। रामराज्य, भेदभाव रहित समरस समाज का द्योतक है। केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों का आधार यही राम राज है। उज्जवला योजना, सौभाग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण जैसे प्रयास जाति, धर्म, पंथ, मजहब से परे, समान भाव से सभी के जीवन में उजियारा भर रहे हैं। कोरोना काल में जन सेवा का कार्य और तत्परता से किया गया।

वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित होगी भारत की सांस्कृतिक सम्पन्नता:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में समवेत प्रयास से हम भारत के सांस्कृतिक और धार्मिक सम्पन्नता को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करेंगे। उन्होंने कहा कि फिजी, थाईलैंड, जापान, नेपाल को अयोध्या से जोड़कर अयोध्या को वैश्विक पटल पर लाने की कोशिश की गई। अब यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन रहा है। वन गमन पथ पर तब श्री राम को कष्ट सहना पड़ा था, पर उत्तर प्रदेश सरकार ‘राम वन गमन पथ’ को संवारने का काम करा रही है, आने वाले समय में अयोध्या से चित्रकूट तक साढ़े तीन घण्टे में ही पहुंचा जा सकेगा। संतगणों के निर्देशन में अयोध्या को विश्व स्तर पर ब्रान्डिंग की जाएगी। उत्साह से भरे माहौल में जय श्री राम के नारों के बीच मुख्यमंत्री ने अयोध्या के बहुमुंखी विकास के लिए जारी और भावी परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।

राम हमारी अस्मिता की पहचान: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश वासियों को दीप पर्व की बधाई देते हुए राम को भारतीय अस्मिता का प्रतीक बताया उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में किये जा रहे कार्यों की सराहना भी की। इससे पहले उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने स्वयं को श्रृंगवेरपुर का बताते हुए खुद को राम सेवक बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा दीपोत्सव के आयोजन को जन आकांक्षाओं का प्रतिबिम्ब कहा।
इससे पहले, स्वागत उद्बोधन में धर्मार्थ कार्य मंत्री नीलकंठ तिवारी ने अयोध्या नगर के महात्म्य पर विचार रखते हुए योगी सरकार द्वारा दीपोत्सव की शुरुआत को अद्भुत प्रयास बताया और कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या पूरे विश्व में गौरवभूषित होगी।