बागेश्वर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मुखर, छह दिन बाद भी सीएम ने नहीं ली सुध

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बागेश्वर : एक सूत्रीय मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार सोमवार को भी जारी रहा।भारी बारिश के बावजूद कार्यकर्ता घरों से बाहर निकले और बाल विकास परिसर पहुंचे। वहां नारेबाजी की और 18 हजार रुपये मानदेय मांगा। कांग्रेस ने उनके आंदोलन को समर्थन दिया।आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोरोना काल में हम सभी ने जान पर खेलकर टीकाकरण के साथ ही नवजात, गर्भवतियों व अन्य काम फील्ड में किए। जिन लोगों ने सिर्फ टीकाकरण में ही भाग लिया था। उन्हें सरकार से कोरोना वारियर्स से नवाजा गया। उन्हें सम्मानित किया गया। हमने भी वही काम किया पर आज तक किसी ने झांका तक नहीं। सीएम से भी मिल लिए पर हमेशा से आश्वासन ही मिला। सीएम से भी कहने के बाद सुनवाई न होने पर हम सब धरना देने को विवश हैं।

यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि गत बुधवार को उनका एक प्रतिनिधि मंडल डिग्री कॉलेज में सीएम पुष्कर सिंह धामी से मिला। उन्होंने कहा कि जल्द ही उनकी मांगों पर निर्णय लिया जाएगा। उन्हें निराश नहीं किया जाएगा, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया। अब वह खुद को सीएम के हाथों से भी ठगा महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वह एक सूत्रीय मांग को लेकर एक सप्ताह से आंदोलित हैं। इस आंदोलन को तब तक चलाया जाएगा, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती।

सभा के बाद उन्होंने बाल विकास विभाग के कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। कांग्रेस नेता भैरवनाथ टम्टा ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया और धरने पर बैठे। इस मौके पर तुलसी अधिकारी, पुष्पा मिश्रा, जानकी चौबे,  दीपा रावत, राहिला तब्बसुम, नीमा, कमला, भगवती रावल, मुन्नी देवी आदि मौजूद थे।

 

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