जीवन रक्षा के लिए वैक्सीन लगवाना भी जब बना जुर्म

जीवन रक्षा के लिए वैक्सीन लगवाना भी जब बना जुर्म

राजसत्ता पोस्ट

लखनऊ।बुधवार 28 अप्रैल

जीवन रक्षा के लिए वैक्सीन लगवाना भी जब बना जुर्म

बीते दिनों सरकार की ओर से अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया था की बीते चंद दिनों में वैक्सीनेशन के बीच कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार विशेष अभियान चलाकर वैक्सीनेशन कराएगी , फोकस टेस्टिंग की तरह ही फोकस टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। यह अभियान 8 अप्रैल से शुरू होकर 23 अप्रैल तक चलाया जाना तय था ।
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लोगों के बीच लगातार बने रहने वालों के लिए चलाए जा रहे विशेष टीकाकरण अभियान में 8 और 9 अप्रैल को मीडियाकर्मी, विभिन्न प्रतिष्ठानों के संचालक, दुकानदार, व्यवसायी नजदीकी केंद्र पर जाकर टीकाकरण करा सकते हैं। वहीं, 10 अप्रैल को बैंक और इंश्योरेंस कम्पनी के आधिकारियों और कर्मचारियों को टीकाकरण तय किया गया था।
इस खबर के अनुसार गोरखपुर के पत्रकार बन्धुओ ने भी वेक्सीनेशन में हिस्सा लिया ।
आपको जानकर हैरानी होगी ये खबर जब कुछ नासमझ पत्रकारों को लगी तो उन्होंने बकायदा इसकी खबर चला कर वायरल की ।
हालांकि ये प्रदेश सरकार का आदेश था पर तथ्यों के बिना वाली पत्रकारिता करने वाले , ऐसे लोग जिन्हें पत्रकारिता के माध्यम से बस लोगो का मानसिक उत्पीड़न करने में ही अपना हित दिखाई देता है , उन्हें ऐसे किसी आदेश की जानकारी ही नही थी।
होगी भी कैसे ग्राउंड जीरो से कोसो दूर , मोबाइल की कॉपी पेस्ट वाली पत्रकारिता करने वाले जो ठहरे।
हालांकि अगर प्रदेश सरकार का आदेश ना भी होता तो भी पत्रकारों को वेक्सीनेशन की हर कोई पुरजोर वकालत करता है। क्योंकि पत्रकार विषम परिस्थितियों में भी खबरों के आदान प्रदान में महत्वपूर्ण कड़ी है।

आशा है आने वाले समय मे कॉपी पेस्ट की पत्रकारिता से निकलकर स्वभिमानी पत्रकार महोदय भी तथ्यों की जानकारी रखकर ही पत्रकारिता करेगे और कम से कम एक ही परिवार के सदस्यों के समान पत्रकार साथियों के लिए ओछी भाषा का प्रयोग नही करेगे।

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विजित त्यागी राजसत्ता पोस्ट

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