इस त्यौहारी सीजन महिलाओ के हुनर की ब्रांडिंग की तयारी
Preparation for training women's skills this festive season

रांची। झारखंड में अब शहरी क्षेत्र के महिलाओं का हुनर अब बाजारों में पहुंचेगा। महिलाओं की हुनर की पहचान कर सरकार अब इनकी ब्रांडिंग करने की तैयारी कर दी है। आने वाले त्योहारी मौसम में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं द्वारा बनाया गया गुजिया और पेड़ुकिया राज्य के विभिन्न बाजारों में उपलब्ध होगा। नगर विकास विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को स्वालंबी बनानें को लेकर उनके हुनर की ब्रांडिंग के लिए अब राज्य सरकार नें कदम उठाया है। बहुत जल्द राजधानी रांची के बाजारों के स्टॉल पर "सोन चिरैया ब्रांड" से गुजिया और पेड़ुकिया रांची के विभिन्न बाजारों में उपलब्ध होगा।

नगर विकास एवं आवास विभाग के नगरीय प्रशासन निदेशालय कार्यालय में इसकी शुरूआत की गई है।

निदेशालय की निदेशक विजया जाधव की उपस्थिति बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने शुद्धता को बरकरार रखते हुए शुद्ध घी और खोआ से पेड़ुकिया का उत्पादन शुरू किया। महिलाओं के मनोबल को बढ़ाने के लिए खुद निदेशक विजया जाधव भी गुजिया बनाती दिखी।

निदेशक विजया जाधव ने बताया, "दीनदयाल अंत्योदय-शहरी आजीविका मिशन के तहत हम चाहते हैं कि इन महिलाओं का आर्थिक संवर्धन हो। अब इनके द्वारा निर्मित उत्पाद बाजार तक पहुंचेगा और प्रथम चरण में राजधानी रांची के महत्वपूर्ण स्थानों पर स्टॉल लगाए जाएंगे।"

उन्होंने कहा कि इस उत्पाद का ब्रांड नेम 'सोन चिरैया' होगा, जो केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि इन उत्पादों की होम डिलिवरी या अत्यधिक मात्रा में उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था दी गई है।

बताया गया कि प्रारंभ में यह रांची के बाजारों में उपलब्ध होगा लेकिन भविष्य में इसे राज्य के अन्य शहरों तक भी पहुंचाने की भी योजना है। इन उत्पादों को त्योहरी मौसम के अलावे सालोंभर उत्पादन होता रहे और बाजार में उपलब्ध रहे इसकी भी तैयारी रखी जा रही है।

अमित कुमार बताते हैं कि "गुजिया और पेडुकिया निर्माण में जहां शुद्धता का ख्याल रखा जा रहा है वहीं इसे शुद्ध घी और शुद्ध खोआ से तैयार किया जा रहा है। इसके निर्माण में कोरोना गाइड लाइंस का भी पूरा पालन किया जा रहा है। शहरी आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने तथा सामाजिक उत्थान और स्वावलंबी बनाने में यह पहली कारगर साबित होगी।"

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