काबुल धमाके में 12 अमेरिकी सैनिकों सहित 72 की मौत, IS के खोरासन गुट ने ली जिम्मेदारी

काबुल धमाके में 12 अमेरिकी सैनिकों सहित 72 की मौत, IS के खोरासन गुट ने ली जिम्मेदारी

अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट पर दो आत्मघाती हमले हुए जिनमें 60 से अधिक लोगों की मौत हुई है।अमेरिका ने बताया है कि इस आतंकी हमले में उसके 12 सैनिक मारे गए हैं। साथ ही यह भी बताया है कि 18 सैनिक घायल हुए है्। हमले में कुल 72 लोगों की मौत हुई। बता दें कि शुरुआत से ही इस हमले के पीछे आतंकियों के होने की आशंका जताई जा रही थी और अब आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इसकी जिम्मेदारी ली है।

 गुरुवार को काबुल हवाई अड्डे के पास हुए कुल सात बम धमाकों में 12 अमेरिकी नौसैनिकों समेत अब तक 72 लोगों की मौत हो गई है। मारे गए बाकी 60 लोगों के अफगान नागरिक होने का अनुमान है। इसके अलावा एक अस्पताल में अन्य 60 घायलों का इलाज किया जा रहा है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी सेना के 60 से अधिक जवान घायल हुए हैं और इनकी संख्या बढ़ सकती है। 

इस्लामिक स्टेट ने अपने दावे में कहा है कि इसने अमेरिकी सैनिकों और उनके अफगान सहयोगियों को निशाना बनाया। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस धमाके पर कहा- हम माफ नहीं करेंगे। हम नहीं भूलेंगे, हम आतंकवादियों को ढूंढेंगे और इसका हिसाब लेंगे।

इस्लामिक स्टेटे के बयान में एक तस्वीर शेयर की गई थी जिसके बारे में आतंकवादी समूह ने कहा कि यह वही हमलावर था जिसने हमले को अंजाम दिया था। फोटो में कथित हमलावर को काले आईएस झंडे के सामने विस्फोटक बेल्ट के साथ खड़ा दिखाया गया है, जिसके चेहरे पर एक काला कपड़ा है, केवल उसकी आंखें दिख रही हैं।

बयान में दूसरे आत्मघाती हमलावर या बंदूकधारियों का कोई जिक्र नहीं है। इसके अलावा दावे को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका।

आईएस ने यह भी कहा कि हमालावर तालिबान सुरक्षा चौकियों को पार करने में कामयाब रहा और अपने विस्फोटकों को विस्फोट करने से पहले अमेरिकी सैनिकों, अनुवादकों और सहयोगियों की एक सभा के 5 मीटर (गज) के पास तक आ गया।  बयान में यह भी कहा गया है कि हमलावर अमेरिकी सुरक्षा उपायों के आसपास था और जिस शिविर को निशाना बनाया गया था, वहां अमेरिकी सेना उन लोगों के लिए कागजी कार्रवाई कर रही थी, जिन्होंने सेना के साथ काम किया है।

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